ताज़ा खबर
 

Gandhi Jayanti 2019 Updates: गांधीजी ने ‘यंग इंडिया’ में लिखा था- हिंदू धर्म में ऐसे बहुत काम हैं जो मुझे पसंद नहीं

Gandhi Jayanti 2019 Biography, Life History, Speech, Essay, Quotes, Facts: 'यंग इंडिया' में गांधी ने लिखा था, 'हिंदू धर्म के नाम पर ऐसे बहुत-से काम किए जाते हैं जो मुझे मंजूर नहीं। अगर मैं वैसा नहीं हूं तो मुझे खुद को सनातनी हिंदू कहलवाने की कोई ख्वाहिश नहीं।'

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

Gandhi Jayanti 2019 Updates: अहिंसा को सबसे बड़ा हथियार बनाकर दुनिया को अपने विचारों का लोहा मनवाने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आज (2 अक्टूबर) 150वीं जयंती है। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को सम्बलपुर जिले में भटरा स्थित गांधी मंदिर में आंगुतकों का जमावड़ा लगा रहा। उन्होंने राष्ट्रपिता की कांस्य प्रतिमा पर पुष्प चढ़ाए और उनके सामने भजन गाए। कई सामाजिक संगठनों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। पूर्व विधायक अभिमन्यु कुमार ने 1974 में इस मंदिर की स्थापना की थी। भटरा निवासी रोज सुबह-शाम यहां आते हैं और पुजारी के साथ गीता का पाठ होता है और ‘राम धुन’ गाई जाती है।

1921 में अपने अखबार ‘यंग इंडिया’ में गांधी ने लिखा था, ‘हिंदू धर्म के नाम पर ऐसे बहुत-से काम किए जाते हैं जो मुझे मंजूर नहीं। अगर मैं वैसा नहीं हूं तो मुझे खुद को सनातनी हिंदू कहलवाने की कोई ख्वाहिश नहीं।’ छुआछूत के खिलाफ महात्मा गांधी की लड़ाई में असम के जोरहाट का खास स्थान है। 1934 में यहां उन्होंने एक ब्राह्मण परिवार के नामघर के दरवाजे दलितों के लिए खोले थे। यह उनकी इस लड़ाई में एक लैंडमार्क माना जाता है।

लोग उन्हें प्यार से बापू भी कहते हैं। यह उपाधि उन्हें नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने दी थी। बापू के जन्मदिवस को अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है। महात्मा गांधी ने कहा था कि विनम्र तरीके से व्यवहार करके आप दुनिया को हिला सकते हैं। बापू का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। बापू ने अहिंसा का रास्ता अपनाते हुए देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और अंग्रेजों को निकाल भगाया। महात्मा गांधी ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया।

Live Blog

Highlights

    20:53 (IST)02 Oct 2019
    गांधीजी ने कई महत्वपूर्ण अखबारों का प्रकाशन-संपादन किया

    महात्मा गांधी ने अपने जीवन में स्वराज, यंग इंडिया, हरिजन समेत कई महत्वपूर्ण अखबारों का प्रकाशन-संपादन किया।

    17:55 (IST)02 Oct 2019
    छुआछूत के खिलाफ गांधी की जंग में बेहद खास है जोरहाट

    छुआछूत के खिलाफ महात्मा गांधी की लड़ाई में असम के जोरहाट का खास स्थान है। 1934 में यहां उन्होंने एक ब्राह्मण परिवार के नामघर के दरवाजे दलितों के लिए खोले थे। यह उनकी इस लड़ाई में एक लैंडमार्क माना जाता है।

    15:37 (IST)02 Oct 2019
    यंग इंडियाः गांधी ने कहा था- हिंदू धर्म में ऐसे बहुत काम हैं जो मुझे पसंद नहीं

    1921 में अपने अखबार 'यंग इंडिया' में गांधी ने लिखा था, 'हिंदू धर्म के नाम पर ऐसे बहुत-से काम किए जाते हैं जो मुझे मंजूर नहीं। अगर मैं वैसा नहीं हूं तो मुझे खुद को सनातनी हिंदू कहलवाने की कोई ख्वाहिश नहीं।'

    11:50 (IST)02 Oct 2019
    सोनिया, मनमोहन और राहुल ने बापू को श्रद्धांजलि दी

    महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी तथा पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही कांग्रेस दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय से राजघाट तक पदयात्रा भी निकालेगी, जिसमें राहुल गांधी शामिल होंगे। मनमोहन और सोनिया ने राजघाट पहुंचकर बापू की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

    11:30 (IST)02 Oct 2019
    बापू का यह विचार बदल देगा आपकी सोच

    आपकी मान्यताएं आपके विचार बन जाते हैं, आपके विचार आपके शब्द बन जाते हैं, आपके शब्द आपके कार्य बन जाते हैं, आपके कार्य आपकी आदत बन जाते हैं, आपकी आदतें आपके मूल्य बन जाते हैं, आपके मूल्य आपकी नीयति बन जाती हैं।

    11:08 (IST)02 Oct 2019
    उप राष्ट्रपति ने किया यह ट्वीट

    उप राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, ‘‘ हम महात्मा गांधी को उनकी 150वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हैं। आइए, हम दैनिक जीवन में गांधीवादी सिद्धांतों को लागू कर और अपनाकर हमारे जीवन में बदलाव लाने का प्रयास करें।’’

    10:35 (IST)02 Oct 2019
    जब नाम सुनते ही डाकू छोड़कर चले गए

    जिस दौर में देश आजादी की लड़ाई लड़ रहा था। उस वक्त कई इलाकों में डाकू भी सक्रिय थे। मध्य प्रदेश के सिंगरौली पहाड़ी इलाके में डाकुओं ने एक सुनार को पकड़ लिया। सुनार पहले तो घबराया, लेकिन इसके बाद उसने वंदेमातरम का नारा लगाया। साथ ही, खादी का कपड़ा दिखाया। सुनार ने डाकुओं से कहा कि वह गांधीजी का अनुयायी है, जिसके बाद डाकु उसे छोड़कर चले गए। सुनार ने यह बात गांधीजी के एक साथी को बताई थी, जिसके बाद यह किस्सा आम हो गया।

    09:44 (IST)02 Oct 2019
    ऐसा था बापू का चंपारण आंदोलन

    बिहार के चंपारण जिले में सन 1917-18 महात्मा गांधी के नेतृत्व में भारत में किया गया यह पहला सत्याग्रह था। इसे चम्पारण सत्याग्रह के नाम से जाना जाता है। उस समय अंग्रेजों और और उनके पिट्‍ठू जमींदारों द्वारा हजारों भूमिहीन मजदूर एवं गरीब किसानों को खाद्यान के बजाय नील एवं अन्य नकदी फसलों की खेती करने के लिए मजबूर किया जा रहा था। अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ गांधी ने उस समय चंपारण पहुंचकर इस आंदोलन का शंखनाद किया। उन्होंने उस समय जमींदारों के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन और हड़तालों को नेतृत्व किया। तब उनके समर्थन में हजारों की संख्‍या में किसान एकत्रित हो गए थे। पुलिस सुपरिंटेंडेंट ने गांधीजी को जिला छोड़ने का आदेश दिया, लेकिन उन्होंने आदेश को मानने से इंकार कर दिया था।

    08:33 (IST)02 Oct 2019
    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर होंगे विभिन्न कार्यक्रम

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर राजस्थान में दो से नौ अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बुधवार को गांधी शपथ, प्रार्थना सभाओं सहित अन्य कार्यक्रमों में भाग लेंगे।  इस अवसर पर गहलोत जवाहर कला केन्द्र में गांधी प्रदर्शनी एवं खादी मेले का उद्घाटन करेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत सेन्ट्रल पार्क में गांधी उत्सव के साथ साथ भजन संध्या का आयोजन होगा। सरोद वादन कार्यक्रम में सुनन्दा शर्मा एवं उस्ताद अमजद अली खान प्रस्तुति देंगे। खादी प्रदर्शनी में राज्यभर के 500 से अधिक कारीगर अपने उत्पादों का प्रदर्शन करेंगे।

    08:12 (IST)02 Oct 2019
    आचार संहिता की वजह से महात्मा गांधी की जयंती पर जल्दी नहीं रिहा हो पाएंगे महाराष्ट्र के 70 कैदी

    भारत की विभिन्न जेलों में सजा काट रहे सैकड़ों कैदियों को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर रिहा किया जाएगा, लेकिन जल्दी रिहा किए जाने के योग्य महाराष्ट्र के 70 कैदियों को बाहर आने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगी हुई है और इसके तहत सरकार कोई बड़ा फैसला नहीं ले सकती है।

    07:53 (IST)02 Oct 2019
    दांडी मार्च से बापू ने दी थी यह सीख

    गांधीजी ने नमक आंदोलन से सिखाया कि अगर शासन अन्यायी है तो उसका विरोध करो। लेकिन यह विरोध अहिंसात्मक हो। अगर आप सत्य के साथ हैं तो जीत आपकी जरूर होगी।

    07:29 (IST)02 Oct 2019
    फलस्तीन ने गांधी के सम्मान में डाक टिकट किया जारी

    फलस्तीन ने मंगलवार को महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के मौके पर ‘गांधी की विरासत और मूल्यों’ के सम्मान में डाक टिकट जारी किया। फलस्तीन अथॉरिटी (पीए) के दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री इसहाक सेदेर ने यहां मंत्रालय में आयोजित एक समारोह में पीए में भारत के प्रतिनिधि सुनील कुमार की मौजूदगी में यह डाक टिकट जारी किया।

    06:40 (IST)02 Oct 2019
    दोस्ती पर यह थी बापू की राय

    गांधीजी हमेशा कहते थे, ‘‘हर अच्छा इंसान हर सजीव का मित्र होता है।’’

    03:11 (IST)02 Oct 2019
    आइंस्टीन ने भी की थी बापू की तारीफ

    यह सच है कि इस बात पर आने वाली पीढ़ी को कम ही विश्वास होगा कि सदियों से शांति और सत्य का पैरोकार यह विश्व का प्राचीनतम देश अहिंसा के रास्ते पर चलकर आजादी की मंजिल तक पहुंचा है। इसीलिए, महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने महात्मा गांधी के बारे में तभी कह दिया था कि आने वाली नस्लों को मुश्किल से ही इस बात पर विश्वास होगा कि हांड़-मांस से बना ऐसा कोई इंसान भी धरती पर आया था।

    01:08 (IST)02 Oct 2019
    बापू ने दिया था यह संदेश

    महात्मा गांधी का जिंदगी तमाम मानवीय आदर्शों की प्रयोगशाला रही है। उन्होंने मानव जीवन के लिए सही माने जाने वाले तमाम आदर्शों का प्रयोग अपने जीवन में किया था। गांधीजी के तीन बंदरों के बारे में हम सभी ने सुना है। बुरा मत कहो, बुरा मत सुनो और बुरा मत देखो के प्रतीक स्वरूप ये तीनों बंदर हमें जीवन जीने के सही तरीके के बारे में बताते हैं। इस संदेश को अगर हम अपने जीवन में उतार लें तो हमारी कितनी समस्याएं अपने आप सुलझ जाएं।

    22:31 (IST)01 Oct 2019
    मौन को सबसे सशक्त भाषण मानते थे बापू

    महात्मा गांधी कहते थे, ‘‘मौन सबसे सशक्त भाषण है। धीरे-धीरे दुनिया आपको सुनेगी।’’

    20:48 (IST)01 Oct 2019
    भविष्य को लेकर ऐसी थी गांधी जी की राय

    महात्मा गांधी कहते थे, ‘‘भविष्य इस बात पर निर्भर करता है कि आज आप क्या कर रहे हैं?’’

    19:39 (IST)01 Oct 2019
    विश्वास के बारे में ऐसी थी बापू की राय

    गांधी जी कहते थे, ‘‘विश्वास को हमेशा तर्क से तौलना चाहिए। जब विश्वास अंधा हो जाता है तो खत्म हो जाता है।’’

    19:34 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने किए थे कई आंदोलन

    भारत आने के बाद गांधी जी ने चंपारण सत्याग्रह चलाया, जिसके जरिए उन्होंने 1917 में बिहार के चम्पारण जिले में किसानों को अंग्रेजों द्वारा जबरदस्ती नील की खेती कराये जाने से मुक्ति दिलाई। इसके बाद इसी साल उन्होंने गुजरात प्रदेश के खेड़ा जिले में बाढ़ और अकाल की स्थिति होने के बावजूद लगान वसूले जाने का अहिंसक विरोध कर अंग्रेजों को समझौता करने पर मजबूर किया।

    19:33 (IST)01 Oct 2019
    बापू की 150वीं जयंती पर स्कूलों में होंगे कार्यक्रम

    गांधी जी पर जितना लिखा जाए उतना कम है। उनकी 150वीं सालगिरह मनाने के लिए स्कूलों में बच्चे तक तैयारियों में जुटे हैं। वह अपने-अपने स्तर पर गांधी पर स्पीच देने की तैयार कर रहे हैं। बच्चे राष्ट्रपिता को उनके द्वारा सिखाए गए उपदेशों पर स्पीच तैयार कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि देते हैं। अगर आप अपने स्कूल में गांधी जयंती पर स्पीच करने की तैयारी में लगे हुए हैं तो ये खबर आपके काम की है। गांधी जी पर अपना भाषण तैयार करने में ये स्टोरी आपको मदद कर सकती है। आप गांधी जी के आंदोलनों को लेकर भी स्पीच तैयार कर सकते हैं।

    19:32 (IST)01 Oct 2019
    गांधी जी को इस वजह से कहा जाता है राष्ट्रपिता

    ‘दे दी हमें आजादी बिना खडग बिना ढाल…साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल’। देशभर में पिछले कई दिनों से गांधी जयंती की तैयारियां चल रही हैं। गांधी जी का जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनकी मां का नाम पुतलीबाई और पिता करमचंद गांधी थे। मोहनदास करमचंद गांधी अपने परिवार में सबसे छोटे थे लेकिन उन्होंने बहुत बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल कीं। इसीलिए उन्हें राष्ट्रपिता भी कहा जाता है।

    19:05 (IST)01 Oct 2019
    ऐसे दे सकते हैं बापू पर भाषण

    अगर आप अपने स्कूल में महात्मा गांधी जयंती पर स्पीच करने की तैयारी में लगे हुए हैं तो ये खबर आपके काम की है। गांधी जी पर अपना भाषण तैयार करने में ये स्टोरी आपको मदद कर सकती है। आप गांधी जी के आंदोलनों को लेकर भी स्पीच तैयार कर सकते हैं।

    17:51 (IST)01 Oct 2019
    कथनी नहीं, करनी पर विश्वास करते थे महात्मा गांधी

    बापू कहते थे कि थोड़ा सा अभ्यास बहुत सारे उपदेशों से बेहतर है।

    17:47 (IST)01 Oct 2019
    बापू के लिए ऐसे लिख सकते हैं भाषण

    भाषण या निबंध के लिए सामग्री - मॉब लिंचिंग, विचारधाराओं से असहमति रखने वालों की हत्या, जाति के नाम पर हत्या, सत्ता पाने के लिए दंगों जैसे अनैतिक कृत्यों का सहारा लेने या उन्हें समर्थन देने जैसी हिंसक दुर्घटनाओं के बीच हम सारी दुनिया को सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाने वाले महात्मा गांधी की 150 जयंती मनाने जा रहे हैं।

    17:40 (IST)01 Oct 2019
    महात्मा गांधी के जन्मदिन पर होती हैं तमाम प्रतियोगिताएं

    राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती को भारत में राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन देश भर में तमाम कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।

    17:31 (IST)01 Oct 2019
    अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है बापू का जन्मदिवस

    रक्तहीन क्रांति से देश को आजादी दिलाने की वजह से उन्हें सारे भारतवर्ष में बड़े ही आदर और सम्मान के साथ याद किया जाता है। सिर्फ भारत में ही नहीं, दुनिया भर में महात्मा गांधी को उनकी जयंती के दिन बड़ी ही श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। उनके जन्मदिवस को सारे विश्व में विश्व अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है।

    17:23 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने देश को ऐसे दिलाई थी आजादी

    महात्मा गांधी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत में सत्‍याग्रह और अहिंसा का तरीका अपनाया था। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सत्याग्रह किया। असहयोग और सविनय अवज्ञा आंदोलन का संचालन किया। इसी बल पर उन्होंने भारत को 200 साल की गुलामी से आजादी दिलाई।

    15:22 (IST)01 Oct 2019
    दक्षिण अफ्रीका में की थी रंगभेद की मुखालफत

    महात्मा गांधी सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद की मुखालफत करने वाले नेता बनकर उभरे। बाद में भारत के स्वतंत्रता संघर्ष को अहिंसात्मक तरीके से नेतृत्व प्रदान किया।

    15:22 (IST)01 Oct 2019
    सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले कहा था बापू

    आजादी में उनके अतुलनीय योगदान की वजह से उन्हें भारत के राष्ट्रपिता से भी संबोधित किया जाता है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने सबसे पहले उन्‍हें राष्‍ट्रपिता कह कर संबोधित किया था।

    15:22 (IST)01 Oct 2019
    2 अक्टूबर को हुआ था बापू का जन्म

    सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों पर चलकर देश को आजादी दिलाने वाले मोहनदास करमचंद गांधी यानी कि महात्मा गांधी का आज जन्मदिन है। गुजरात के पोरबंदर में 2 अक्टूबर 1869 को पिता करमचंद गांधी और माता पुतलीबाई के घर उनका जन्म हुआ था।

    14:37 (IST)01 Oct 2019
    पढ़िए बापू का यह अनोखा विचार

    शक्ति शारीरिक क्षमता से नहीं आती है। यह एक अदम्य इच्छाशक्ति से आती है। (Strength does not come from physical capacity. It comes from an indomitable will)

    14:19 (IST)01 Oct 2019
    पढ़ें दुश्मनी पर क्या थी बापू की राय?

    बापू का मानना था कि आंख के बदले आंख पूरे विश्व को अंधा बना देगी। (An eye for an eye only ends up making the whole world blind)

    13:30 (IST)01 Oct 2019
    राजस्थान में 7 दिन तक मनाई जाएगी बापू की जयंती

    बापू की 150वीं जयंती मनाने के लिए राजस्थान ने खास तैयारी की है। बताया जा रहा है कि पूरे राज्य में 2 से 9 अक्टूबर तक गांधी सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। वहीं, उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि सीएम अशोक गहलोत होंगे।

    13:12 (IST)01 Oct 2019
    दूसरों के गलत इरादों से बचने के लिए बापू ने बताई यह बात

    बापू ने कहा था, ‘‘मैं अपने मन को किसी दूसरे के गंदे पैरों (विचारों) तले रौंदने नहीं दूंगा।’’ (I will not let anyone walk through my mind with their dirty feet.)

    13:05 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने ऐसे सिखाया दुनिया जीतने का तरीका

    बापू ने कहा था, ‘‘एक विनम्र तरीके से आप दुनिया को हिला सकते हैं।’’ ( In a gentle way, you can shake the world.)

    12:28 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने ऐसे समझाई विचारों की ताकत

    महात्मा गांधी कहते थे कि व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है। वह जो सोचता है, वही बन जाता है। (A man is but the product of his thoughts; what he thinks, he becomes)

    11:52 (IST)01 Oct 2019
    प्रकृति व भगवान का वर्णन ऐसे करते थे बापू

    जब मैं सूर्यास्त और चंद्रमा के सौंदर्य की प्रशंसा करता हूं, मेरी आत्मा संसार बनाने वाले की पूजा करने लगती है। (When I admire the wonders of a sunset or the beauty of the moon, my soul expands in the worship of the creator)

    11:36 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने ऐसे समझाया दूसरों से जीतने का मंत्र

    पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगे, फिर वो आप पर हंसेंगे, फिर वो आपसे लड़ेंगे और तब आप जीत जाएंगे। (First they ignore you, then they laugh at you, then they fight you, then you win)

    11:29 (IST)01 Oct 2019
    अंतर्मन की बात बताता है बापू का यह तीसरा विचार

    खुद को खोजने का सबसे अच्छा तरीका है, खुद को दूसरों की सेवा में खो दो। (The best way to find yourself is to lose yourself in the service of others)

    11:25 (IST)01 Oct 2019
    बापू ने कही थी यह दूसरी बड़ी बात

    आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मानवता सागर के समान है। यदि सागर की कुछ बूंदें गंदी हैं तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता। (You must not lose faith in humanity. Humanity is an ocean; if a few drops of the ocean are dirty, the ocean does not become dirty)

    11:20 (IST)01 Oct 2019
    बापू का पहला विचार

    खुद वो बदलाव बनिए, जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं। (Be the change you want to see in the world.)

    Next Stories
    1 वैष्णो देवी के दर्शन को गए नवजोत सिंह सिद्धू से धक्कामुक्की, खिलाफ लगे नारे
    2 गुजरात में हिंदू संगठनों में ही भिड़ंत! विश्व हिंदू परिषद और तोगड़िया का संगठन आमने-सामने
    3 INDIAN RAILWAYS को झटका, अगस्त में 12000 करोड़ रुपये घट गई आमदनी
    ये पढ़ा क्या?
    X