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हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ी से संसद पहुंचे गडकरी

बताया जा रहा है कि हाइड्रोजन से चलने वाली यह गाड़ी एक बार टंकी भरने क बाद 650 किलोमीटर तक चलेगी।

हाइड्रोजन से चलने वाली गाड़ी।

पेट्रोल व डीजल पर निर्भरता कम करने के इरादे से केंद्र सरकार ने वाहनों में हाइड्रोजन प्रयोग शुरू कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी बुधवार को देश की पहली ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली कार से संसद पहुंचे थे। इस कार का नाम मिराई है। गाड़ी को संसद तक लाने के लिए एक विशेष अनुमति जारी की गई थी।

नितिन गडकरी ने कहा कि पेट्रोल, डीजल व गैस आदि की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और इससे प्रदूषण भी होता है। नई पहल से प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही ये गाड़ी देश में आ जाएगी। इस तकनीक में ग्रीन हाइड्रोजन का प्रयोग किया गया है, जो कि पानी से उपलब्ध होता है। अब देश में ग्रीन हाइड्रोजन का निर्माण शुरू होगा।

इससे आयात पर अंकुश लगेगा और रोजगार के भी नए अवसर प्राप्त होंगे। नितिन गडकरी ने कहा कि जल्द ही देश में ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होगा। वाहनों के लिए आसानी से हाइड्रोजन उपलब्ध हो, इसके लिए नए स्टेशन तैयार किए जाएंगे। इससे देश का आयात भी बचेगा। हाल ही में गडकरी ने इस हाइड्रोजन कार परीक्षण शुरू किया था।

जानकारी के मुताबिक जून से नितिन गडकरी इस गाड़ी का नियमित इस्तेमाल कर सकेंगे। फिलहाल गाड़ी में हाइड्रोजन की उपलब्धता के हिसाब से इस गाड़ी का प्रयोग किया जाएगा। बताया जा रहा है कि हाइड्रोजन से चलने वाली यह गाड़ी एक बार टंकी भरने क बाद 650 किलोमीटर तक चलेगी। इस कार को दो रुपए प्रति किलोमीटर के खर्च चलाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त इस गाड़ी में हाइड्रोजन भरवाने में भी अधिक समय नहीं लगता। इस पहल की मदद से पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाली धनराशि में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।

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