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17,000 करोड़ रुपये लेकर फरार रेप के आरोपी नित्यानंद आज शुरू करेगा ‘हिन्दू रिजर्व बैंक’, पर्दे के पीछे है कंपनियों और NGO का जाल

अपहरण और रेप मामले में आरोपी स्वयंभू बाबा नित्यानंद ने हाल ही में वीडियो जारी कर कैलासा की करेंसी भी लॉन्च करने की बात की थी।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: August 22, 2020 1:23 PM
nithyanand swami, rape accused, Reserve bank of Kailasha,ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि नित्यानंद ने साउथ अमेरिका में ‘कैलासा’ नाम का एक देश बनाया है। (फाइल फोटो)

भारत से 17 हजार करोड़ रुपए लेकर फरार हुए रेप आरोपी नित्यानंद ने कुछ ही दिन पहले दक्षिण अमेरिका में कैलासा नाम का देश बनाने का ऐलान किया था। हाल ही में उसका एक और वीडियो संदेश सामने आया है जिसमें उसने गणेश चतुर्थी के दिन हिंदू रिजर्व बैंक ऑफ कैलासा और अपनी करेंसी शुरू करने की बात कही थी। अब धीरे-धीरे नित्यानंद के इस साम्राज्य के पीछे की परतें साफ होना शुरू हुई हैं। नए खुलासों के मुताबिक, नित्यानंद के सपोर्ट में कई पिछले एनजीओ और प्राइवेट कंपनियों का एक जाल है।

न्यूज समूह इंडिया टुडे ने खुद को गुरु बताने वाले नित्यानंद से जुड़ी जानकारियों की पोल खोल दी है। बताया गया है कि पिछले एक साल में अमेरिका, ब्रिटेन और एशिया से कई ऐसे संगठन सामने आए हैं, जो नित्यानंद से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि ये संगठन आभासी देश कैलासा और इसके बैंक जैसे गड़बड़झाले वाले संस्थानों का आधार हो सकते हैं।

नित्यानंद ने हाल ही में जो वीडियो जारी किया था, उसमें उसने एनजीओ से पैसे चैनेलाइज करने के इरादों का खुलासा किया था। नित्यानंद ने कहा था, “लोग दुनिया भर में दान कर रहे हैं, स्थानीय सरकारों के साथ काम कर रहे हैं क्योंकि किसी भी देश में कोई भी दान उस देश के एनजीओ से जुड़ा है, जो देश के कानूनों का पालन करते हैं, ये समूचा ढांचा पूरी तरह तैयार है।”

हालांकि, जब उसके इन दावों के रिकॉर्ड्स निकाले गए, तो पता चला कि नित्यानंद का नेटवर्क तीन महाद्वीपों तक फैला है। अमेरिका में कैलासा ने दूतावास बनाने का उद्देश्य बताया है, कहा गया है कि दुनिया में कोई ऐसी जगह नहीं, जहां प्रामाणिक हिंदू धर्म का अभ्यास किया जाता हो। बताया गया है कि अमेरिका में नित्यानंद और उसके कैलासा से जुड़े कम से कम 10 संगठन स्थापित किए गए हैं। इनमें एक को छोड़कर सभी संगठन गैर लाभ या सार्वजनिक हित वाले कॉरपोरेशन हैं।

कैलासा के कुछ एनजीओ सैन होसे, मिशिगन, मिनेसोटा, पेंसिल्वेनिया, पिट्सबर्ग, टेनेसी, डैलस, ह्यूस्टन और सिएटल में स्थित हैं। सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि दस्तावेजों से पता चलता है कि पिछले साल अक्टूबर में, कैलासा ने हांगकांग के ग्लोबल फाइनेंशियल हब में एक निजी कंपनी ‘कैलासा लिमिटेड’ को भी रजिस्टर्ड कराया था। कंपनी हांगकांग में स्टैन्ली स्ट्रीट के साथ वर्ल्ड ट्रस्ट टॉवर के एक पते पर रजिस्टर्ड है। इसके अलावा इस साल अप्रैल में कैलासा की तरफ से ब्रिटेन में दो ‘धार्मिक संगठनों’ को शामिल किया गया था। ब्रिटेन उन देशों में से एक है जहां संगठनों को कॉम्पलिमेंट्री करेंसी के इस्तेमाल की अनुमति दे रखी है।

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