एफटीआइआइ विवाद: आंदोलनकारी झुकने को तैयार नहीं, चौहान ने इसे बताया सजिश - Jansatta
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एफटीआइआइ विवाद: आंदोलनकारी झुकने को तैयार नहीं, चौहान ने इसे बताया सजिश

भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआइइ) के ‘नाकाबिल’ मुखिया गजेंद्र चौहान को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थी मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने साफ कर दिया है केंद्र सरकार की ओर थोपे गए संस्थान प्रमुख गजेंद्र चौहान....

Author June 17, 2015 10:05 AM
गजेंद्र चौहान ने एफटीआइआइ के सभी विद्यार्थियों से कहा कि मैं वादा करता हूं कि विचारधारा एफटीआइआइ को प्रभावित नहीं करेगी। एफटीआइआइ की बस बेहतरी होगी।(फ़ोटो-पीटीआई)

भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (एफटीआइइ) के ‘नाकाबिल’ मुखिया को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थी मंगलवार को भी हड़ताल पर रहे। उन्होंने साफ कर दिया है केंद्र सरकार की ओर थोपे गए संस्थान प्रमुख गजेंद्र चौहान को जब तक हटाया नहीं गया, उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच चौहान ने कहा है कि इस आंदोलन के पीछे कोई साजिश और वे सिर्फ आंदोलन की वजह से पद नहीं छोड़ने वाले।

सरकार की ओर से बातचीत की पेशकश आने के बाद हड़ताली विद्यार्थियों ने मंगलवार देर रात कहा कि सूचना प्रसारण मंत्रालय द्वारा ‘ठोस’ समाधान निकाले जाने तक हड़ताल जारी रहेगी। मंत्रालय ने पेशकश की है कि वह ‘सभी उपयुक्त मुद्दों’ पर चर्चा को तैयार है। इस बीच विरोध प्रदर्शन और जगहों पर भी शुरू हो गए हैं और दिल्ली में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों और आइसा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के साथ एकजुटता दिखाई, वहीं सत्यजीत रे फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट, कोलकाता के विद्यार्थियों ने संस्थान के परिसर में प्रदर्शन किया।

एफटीआइआइ के निदेशक डीजे नारायण ने कहा कि संघ के अध्यक्ष हरिशंकर नचिमुथू को संबोधित मंत्रालय के पत्र में लिखा है कि नियुक्तियां करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में है। लेकिन वह छात्रों के साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। आंदोलन कर रहे छात्र संघ ने कहा कि वह बातचीत के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श करेगा और मंत्रालय को अपना जवाब देगा।

बहरहाल टीवी कलाकार और भाजपा सदस्य गजेंद्र चौहान की एफटीआइआइ की संचालन परिषद के अध्यक्ष के रूप में नियुक्ति रद्द किए जाने की मांग को लेकर संस्थान के विद्यार्थियों की हड़ताल मंगलवार को पांचवें दिन भी जारी रही। वे मांगों पर टस से मस नजर नहीं आए। एफटीआइआइ के करीब 150 विद्यार्थियों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। उन्होंने चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए संस्थान परिसर में अपना प्रदर्शन जारी रखा। उन्होंने परिसर की दीवारों और भवनों पर पोस्टर चिपका दिए हैं। चौहान टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में युधिष्ठर की अपनी भूमिका को लेकर जाने जाते हैं और भाजपा से उनकी करीबी काफी पुरानी है।

उधर छात्रों के संगठन ने गोविंद निहलानी, राकेश शर्मा, सुभाष घई, महेश भट्ट और मुकेश भट्ट समेत कई फिल्मकारों व कलाकारों का समर्थन मिलने का दावा किया है। फिल्मकार राकेश शर्मा ने एक बयान में कहा, ‘पहले आइआइटी अब एफटीआइआइ और आइआइएम- उत्कृष्टता के इन केंद्रों को साधारण लोगों के आंशिक नियंत्रण वाले गढ़ के रूप में तब्दील करने में दखलअंदाजी का एक-सा तरीका जान पड़ता है। इस नियुक्ति से भारतीय फिल्म समुदाय में सभी लोग अचंभित हैं। मिस्टर जेटली इसे यथाशीघ्र निरस्त करने वाले बुद्धिमान व्यक्ति होंगे।’

अपनी प्रतिक्रिया में चौहान ने कहा कि प्रदर्शन किसी एक स्थान पर नहीं है। यह विभिन्न स्थानों पर हो रहा है। उन्होंने कहा, यह कुछ व्यक्तियों की साजिश है जिनका यहां अपना निजी मसला है। इस मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उन्होंने यह कहते हुए हड़ताली विद्यार्थियों से राजनीति से दूर रहने का अनुरोध किया कि इससे उन्हें कोई लाभ नहीं होगा।

भाजपा से संबद्ध चौहान ने कहा कि विचारधारा एफटीआइआइ के गेट के बाहर ही रहेगी। उन्होंने कहा, मैं कलाकार पहले हूं और 34 सालों से कला के क्षेत्र में हूं। विचारधारा केवल दस सालों से है। मैं सभी विद्यार्थियों से वादा करता हूं कि विचारधारा एफटीआइआइ को प्रभावित नहीं करेगी। एफटीआइआइ की बस बेहतरी होगी।

एफटीआइआइ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि राकेश शुक्ला ने कहा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होतीं। इस पर चौहान ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि उन्हें जाने बगैर ही उनकी क्षमता के बारे में सवाल खड़े किए जा रहे हैं। वे हड़ताली विद्यार्थियों के साथ चर्चा करने के लिए इच्छुक हैं।

फिल्मकारों के एक वर्ग ने चौहान की नियुक्ति का यह कहकर विरोध किया है कि मोदी सरकार इस संस्थान का भगवाकरण करना चाहती है। छात्रों के इस आंदोलन का समर्थन विभिन्न विरोधी दलों ने भी किया है। जनसत्ता ब्यूरो के अनुसार, नई दिल्ली में सहमत ने गजेंद्र के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

सहमत की ओर से सुपरिचित रंगकर्मी एमके रैना ने एक बयान जारी कर कहा है कि एफटीआइआइ में जो कुछ हो रहा है उससे हम व्यथित हैं। सरकार की इस तरह की संवेदनहीनता के जरिए इस संस्थान का पतन हो, इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। ये उच्च प्रशिक्षण के संस्थान हैं। एफटीआइआइ की जो परंपरा है, उसे बने रहना चाहिए। बयान में कहा गया है कि हम विद्यार्थियों के विरोध का पूरा समर्थन करते हैं। एफटीआइआइ को बचाना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और बौद्धिक स्वतंत्रता को बचाना है।

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