दिल्ली के साकेत कोर्ट में उस वक्त अफरातफरी मच गयी जब दस साल पुराने मामले से हताश होकर एक व्यक्ति ने बिल्डिंग के चौथी मंजिल से कूदने की कोशिश की। हालांकि, वकीलों ने उसे बचा लिया। 8 अप्रैल को दिल्ली के साकेत कोर्ट कॉम्प्लेक्स में दोपहर को एक शख्स ने वकीलों के कक्ष वाले ब्लॉक की चौथी मंजिल से कूदने का प्रयास किया। वह व्यक्ति रेलिंग पर चढ़ गया और नीचे लटक गया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इससे पहले वह व्यक्ति अपना संतुलन खो बैठता कुछ वकील तेजी से रेलिंग की ओर दौड़े। अफरा-तफरी के बीच उन्होंने जाली से हाथ बढ़ाकर उस व्यक्ति के कपड़े और हाथ-पैर को पकड़ लिया ताकि वह गिर न जाए।

शख्स एक दशक से अधिक समय से फैसले का इंतजार कर रहा था

साकेत बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष अधिवक्ता नरेंद्र शर्मा ने कहा, “वह एक मामले में एक दशक से अधिक समय से फैसले का इंतजार कर रहे थे। उनके वकील कोर्ट की चौथी मंजिल पर बैठते हैं। वह पूरी प्रक्रिया से तंग आ चुके थे। जब वह कूदने ही वाले थे, तभी कुछ वकीलों ने उन्हें पकड़ लिया और उनकी जान बचाई।”

यह घटना कैमरे में कैद हो गई और गुरुवार को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद कई लोगों ने अधिवक्ताओं द्वारा किए गए त्वरित प्रयास की सराहना की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वकीलों ने समन्वित प्रयास से सफेद टी-शर्ट, हल्के नीले रंग की जींस और काली चप्पल पहने उस व्यक्ति को किनारे से वापस खींचकर गलियारे के फर्श पर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई।

साकेत कोर्ट में लगभग 4300 मामले 10 साल से अधिक समय से पेंडिंग

साकेत कोर्ट में लगभग 4300 मामले ऐसे हैं जो 10 साल से अधिक समय से लंबित हैं। लगभग तीन-चौथाई मामले आपराधिक हैं। साकेत बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव, एडवोकेट धीर सिंह कसाना ने कहा, “जब भी वह व्यक्ति अदालत आता था, उदास दिखता था। वह काफी तनाव में लग रहा था। भगवान का शुक्र है कि मौके पर वकील मौजूद थे। यह महज़ किस्मत की बात थी। जब वह चौथी मंज़िल से कूदने वाला था, तब उन्होंने उसे पकड़ लिया। वरना अनहोनी हो जाती।” उन्होंने आगे कहा, “हमें अदालत में वकीलों की ज़रूरत है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए हमें ऊंची रेलिंग लगानी होंगी।”

यौन शोषण के छह आरोपियों को कोर्ट से सेंट्रल जेल लाया गया

नासिक की एक आईटी कंपनी में कथित यौन उत्पीड़न मामले में छह आरोपियों शुक्रवार को अदालत से नासिक सेंट्रल जेल ले जाया गया। इनमें से एक कर्मचारी पर आरोप है कि उसने शादी का वादा करके अपनी सहकर्मी का यौन शोषण किया। जबकि पांच कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने पिछले चार सालों में अलग-अलग समय पर अपनी महिला सहकर्मियों के साथ यौन उत्पीड़न किया और धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें