अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला गरमा चुका है। जून की शुरुआत में राम मंदिर ट्रस्ट को एक ऑडिट के दौरान पता चला कि दानपात्र से नकदी और कुछ अन्य वस्तुएं गायब होने की आशंका है। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसी आधार पर मामले की जांच शुरू की गई।

7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की निगरानी के बावजूद चढ़ावे में चोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

फिलहाल, कथित चंदा चोरी विवाद की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।

इस बीच,जनसत्ता एक इंटरैक्टिव इन्फोग्राफिक के जरिए यह बताने की कोशिश करेगा कि देश के बड़े मंदिरों में आखिर कितना चंदा चढ़ाया जाता है। विभिन्न मंदिरों को मिलने वाले दान,चढ़ावे और उनकी आय से जुड़ा यह डेटा अलग-अलग सार्वजनिक स्रोतों,ट्रस्ट रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों से संकलित किया गया है-

धन और आस्था — विशेष विश्लेषण
भारत के सबसे धनी मंदिर: कितनी संपत्ति, कितनी आस्था?
तिरुपति से राम मंदिर तक — जानें भारत के शीर्ष मंदिरों की कुल संपत्ति और वार्षिक आय का पूरा लेखा-जोखा
दक्षिण भारत
उत्तर भारत
महाराष्ट्र-गुजरात
राम मंदिर
सबसे अमीर मंदिर
तिरुपति — भारत का सबसे धनी मंदिर, संपत्ति 3 लाख करोड़ रुपये
आंध्र प्रदेश की तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर हर दिन 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं का स्वागत करता है और सालाना 1,400 करोड़ रुपये चढ़ावे से अर्जित करता है। केरल का पद्मनाभस्वामी मंदिर अपने गुप्त तहखानों में छिपे खजाने के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है।
3 L Cr
तिरुपति की कुल संपत्ति (रुपये)
1.2 L Cr
पद्मनाभस्वामी की कुल संपत्ति (रुपये)
50,000+
रोज श्रद्धालु (तिरुपति)
दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिर
1
तिरुमाला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर
तिरुपति, आंध्र प्रदेश
तिरुमाला पहाड़ियों पर स्थित यह मंदिर रोज 50,000 से अधिक श्रद्धालुओं को आमंत्रित करता है। चढ़ावे, सोने और कीमती वस्तुओं से वार्षिक आय 1,400 करोड़ रुपये है।
संपत्ति: 3 लाख करोड़ रु. | सालाना आय: 1,400 करोड़ रु.
2
पद्मनाभस्वामी मंदिर
तिरुवनंतपुरम, केरल
गुप्त भूमिगत कक्षों से मिले सोने के आभूषण, पन्ने, हीरे और पुरावशेष इस मंदिर को विश्व के सबसे धनी धार्मिक स्थलों में से एक बनाते हैं।
संपत्ति: 1.2 लाख करोड़ रु.
3
गुरुवायूर देवस्वम मंदिर
गुरुवायूर, केरल
भगवान विष्णु को समर्पित यह मंदिर 1,737 करोड़ रुपये की बैंक जमा, 271 एकड़ जमीन और सोने-चांदी-रत्नों के प्रभावशाली भंडार का स्वामी है।
बैंक जमा: 1,737 करोड़ रु. | जमीन: 271 एकड़
4
मीनाक्षी अम्मन मंदिर
मदुरई, तमिलनाडु
द्रविड़ स्थापत्य कला की उत्कृष्ट मिसाल यह मंदिर रोज 20,000 से अधिक श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। धार्मिक आयोजनों, दान और मंदिर गतिविधियों से सालाना 60 मिलियन रुपये की आय होती है।
सालाना आय: करीब 60 मिलियन रु. | रोज: 20,000+ श्रद्धालु
वार्षिक आय तुलना (करोड़ रुपये)
तिरुपति
1,400 Cr
गुरुवायूर (जमा)
1,737 Cr
मीनाक्षी
60 M
स्रोत: मंदिर ट्रस्ट प्रतिवेदन, मीडिया रिपोर्ट
उत्तर भारत
वैष्णो देवी और स्वर्ण मंदिर — उत्तर भारत के सबसे समृद्ध तीर्थ
जम्मू की 5,200 फीट ऊंचाई पर स्थित वैष्णो देवी मंदिर को दो दशकों में 1,800 किग्रा सोना और 4,700 किग्रा चांदी मिली है। अमृतसर का स्वर्ण मंदिर अपनी सुनहरी वास्तुकला और एकता के प्रतीक के रूप में दुनियाभर में विख्यात है।
1,800 kg
सोना — वैष्णो देवी को (20 वर्षों में)
4,700 kg
चांदी — वैष्णो देवी को (20 वर्षों में)
500 Cr
स्वर्ण मंदिर की वार्षिक आय (रु.)
उत्तर भारत के प्रमुख मंदिर
1
वैष्णो देवी मंदिर
कटरा, जम्मू
5,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह श्रद्धेय तीर्थ दो दशकों में 1,800 किग्रा सोना और 4,700 किग्रा चांदी प्राप्त कर चुका है। नकद चढ़ावा 2,000 करोड़ रुपये से अधिक है।
नकद चढ़ावा: 2,000 Cr रु. | सोना: 1,800 kg | चांदी: 4,700 kg
2
स्वर्ण मंदिर (हरमंदिर साहिब)
अमृतसर, पंजाब
सिख धर्म की आस्था का केंद्र यह मंदिर एकता, शांति और सामूहिक भक्ति का प्रतीक है। अपनी सुनहरी वास्तुकला और आध्यात्मिक महत्व के लिए दुनियाभर में विख्यात।
सालाना आय: 500 करोड़ रु.
वैष्णो देवी को मिला 2,000 करोड़ से अधिक नकद चढ़ावा देश की सबसे ऊंची पर्वत तीर्थयात्राओं में से एक की लोकप्रियता को दर्शाता है।
20 वर्षों में वैष्णो देवी को प्राप्त धातुएं
चांदी
4,700 kg
सोना
1,800 kg
स्रोत: श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
पश्चिम और पूर्व भारत
शिरडी, सिद्धिविनायक, सोमनाथ और जगन्नाथ — आस्था के चार स्तंभ
शिरडी साईं बाबा मंदिर ने 2022 में 400 करोड़ रुपये से अधिक का चढ़ावा प्राप्त किया। मुंबई का सिद्धिविनायक मंदिर रोज 30 लाख रुपये का दान पाता है। गुजरात का सोमनाथ मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम है जिसके गर्भगृह में 130 किग्रा सोना है।
400 Cr+
शिरडी का वार्षिक चढ़ावा 2022 (रु.)
30 L
सिद्धिविनायक — रोज चढ़ावा (रु.)
130 kg
सोमनाथ — गर्भगृह में सोना
मंदिरवार विवरण
1
शिरडी साईं बाबा मंदिर
शिरडी, महाराष्ट्र
2022 में 400 करोड़ से अधिक का चढ़ावा प्राप्त करने वाला यह मंदिर अस्पताल भी चलाता है और हजारों लोगों को मुफ्त भोजन देता है।
वार्षिक चढ़ावा (2022): 400 करोड़ रु.+
2
सिद्धिविनायक मंदिर
मुंबई, महाराष्ट्र
प्रसिद्ध गणेश मंदिर जहां मूर्ति 4 किग्रा सोने से सुसज्जित है। रोज 30 लाख रुपये का चढ़ावा मिलता है और मंदिर का कुल मूल्य 125 करोड़ रुपये आंका गया है।
कुल मूल्य: 125 करोड़ रु. | रोज: 30 लाख रु.
3
सोमनाथ मंदिर
वेरावल, गुजरात
12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम इस मंदिर के गर्भगृह में 130 किग्रा और शिखर पर 150 किग्रा सोना है। यह मंदिर आस्था और इतिहास का संगम है।
गर्भगृह में सोना: 130 kg | शिखर पर: 150 kg
4
श्री जगन्नाथ मंदिर
पुरी, ओडिशा
चार धाम यात्रा का अंग यह 11वीं सदी का मंदिर 30,000 एकड़ जमीन का स्वामी है। इसका कुल मूल्य 150 करोड़ रुपये आंका गया है।
कुल मूल्य: 150 करोड़ रु. | जमीन: 30,000 एकड़
वार्षिक आय / मूल्य तुलना
शिरडी साईं
400 Cr+
स्वर्ण मंदिर
500 Cr
जगन्नाथ (मूल्य)
150 Cr
सिद्धिविनायक (मूल्य)
125 Cr
स्रोत: शिरडी साईं बाबा संस्थान, सिद्धिविनायक ट्रस्ट, सोमनाथ ट्रस्ट, श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन
अयोध्या — राम मंदिर
3,000 करोड़ से अधिक दान — और रोज 1 करोड़ की आय
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा के अनुसार अब तक देश-विदेश से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का दान प्राप्त हो चुका है। इसमें नकद दान, समर्पण निधि अभियान और अन्य योगदान शामिल हैं।
3,000 Cr+
अब तक कुल दान प्राप्त (रु.)
1 Cr
रोजाना आय / चढ़ावा (अनुमानित)
365 Cr+
वार्षिक अनुमानित चढ़ावा (1 Cr/दिन के आधार पर)
दान के स्रोत
नकद दान: देशभर से करोड़ों श्रद्धालुओं ने सीधे मंदिर ट्रस्ट को नकद राशि दी।
समर्पण निधि अभियान: विशेष कोष अभियान के तहत देश-विदेश के भक्तों से करोड़ों एकत्र हुए।
अन्य योगदान: उद्योगपतियों, धार्मिक संस्थाओं और आम जनता के विविध माध्यमों से दान।
शीर्ष मंदिरों से तुलना (सालाना आय / चढ़ावा)
तिरुपति
1,400 Cr
राम मंदिर (अनुमान)
365 Cr+
वैष्णो देवी (नकद)
2,000 Cr+
शिरडी साईं
400 Cr+
राम मंदिर में वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 1 करोड़ रुपये का चढ़ावा/आय प्राप्त हो रही है। यह आंकड़ा आने वाले वर्षों में और बढ़ने की संभावना है क्योंकि मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो रहा है और श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है।
स्रोत: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट, नृपेंद्र मिश्रा (अध्यक्ष), मीडिया रिपोर्ट
स्रोत: मंदिर ट्रस्ट प्रतिवेदन, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट, SRJBT, मंदिर प्रशासन, मीडिया रिपोर्ट | आंकड़े उपलब्ध नवीनतम जानकारी पर आधारित
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