अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला गरमा चुका है। जून की शुरुआत में राम मंदिर ट्रस्ट को एक ऑडिट के दौरान पता चला कि दानपात्र से नकदी और कुछ अन्य वस्तुएं गायब होने की आशंका है। जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, तो एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसी आधार पर मामले की जांच शुरू की गई।
7 जून को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार की निगरानी के बावजूद चढ़ावे में चोरी की शिकायतें सामने आ रही हैं। आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
फिलहाल, कथित चंदा चोरी विवाद की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है। जांच एजेंसियां मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है।
इस बीच,जनसत्ता एक इंटरैक्टिव इन्फोग्राफिक के जरिए यह बताने की कोशिश करेगा कि देश के बड़े मंदिरों में आखिर कितना चंदा चढ़ाया जाता है। विभिन्न मंदिरों को मिलने वाले दान,चढ़ावे और उनकी आय से जुड़ा यह डेटा अलग-अलग सार्वजनिक स्रोतों,ट्रस्ट रिपोर्टों और आधिकारिक दस्तावेजों से संकलित किया गया है-
