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फिल्मों में करियर बनाने के लिए डांस, सिंगिंग की ट्रेनिंग ले रही Sex Worker

यहां के सोनागाछी को एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया माना जाता है। इसी सोनागाछी की कुछ यौनकर्मी और उनके बच्चे जीवन की नई पारी की शुरुआत की तैयारी कर रही हैं।

Author कोलकाता | February 13, 2016 1:26 AM
(File Photo0

यहां के सोनागाछी को एशिया का सबसे बड़ा रेड लाइट एरिया माना जाता है। इसी सोनागाछी की कुछ यौनकर्मी और उनके बच्चे जीवन की नई पारी की शुरुआत की तैयारी कर रही हैं। उन्हें टेलीविजन कार्यक्रमों और फिल्मों में करियर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके तहत वो अभिनय, नृत्य, गायन का प्रशिक्षण ले रही हैं और अग्रेजी बोलना सीख रही हैं। यह सब हो रहा है राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की महत्त्वाकांक्षी परियोजना ‘मुक्तिर आलो’ (आजादी की रोशनी) के तहत।

सोनागाछी में कई गैर सरकारी संगठन कार्यरत हैं। इन संगठनों ने देह व्यापार में जबरन धकेली गईं लड़कियों को बचाया है। वे ऐसी महिलाओं और यौनकर्मियों के बच्चों की भी मदद कर रहे हैं, जो इस व्यापार को छोड़कर बेहतर जिंदगी जीने की चाहत रखते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए यहां चल रही कार्यशाला में पेशेवर लोग उन्हें अभिनय की दुनिया की वर्णमाला सिखा रहे हैं। प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रमुख परियोजना ‘मुक्तिर आलो’ (आजादी की रोशनी) का लक्ष्य यौनकर्मियों और उनके बच्चों को मुख्यधारा में वापस लाने का है।

पश्चिम बंगाल की महिला विकास और सामाजिक कल्याण मंत्री शशि पांजा ने बताया, ‘यौन व्यापार से बचाई गई लड़कियों, यौनकर्मियों और उनके बच्चों के पुनर्वास कार्यक्रम का यह दूसरा चरण है। इस परियोजना के तहत हम उन्हें नृत्य, अभिनय और गायन में प्रशिक्षित कर रहे हैं ताकि वे धारावाहिकों, फिल्मों में काम कर सकें।’ इससे पहले भी सरकार ने सोनागाछी की यौनकर्मियों के लिए पुनर्वास के कई कार्यक्रम चलाए थे। इनमें व्यावसायिक प्रशिक्षण, सिलाई-बुनाई की कार्यशालाएं इत्यादि शामिल हैं।

लेकिन इन परियोजनाओं को उतनी लोकप्रियता नहीं मिल पाई क्योंकि वे आर्थिक रूप से उतनी आकर्षक नहीं थीं। पांजा ने कहा कि उनके विभाग और परियोजना के सहायकों ने पहले ही कई फिल्म और धारावाहिक के निर्माता-निर्देशकों से बात कर ली है। ये लोग अभिनय में पारंगत यौनकर्मियों को काम मुहैया कराएंगे। इन लड़कियों को अभिनय के अलावा अंग्रेजी बोलने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का काम देखने वाले ‘दुर्बार’ के समरजीत जाना ने बताया कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 प्रतिभागी भाग ले रही हैं। उनकी कक्षाएं नियमित चल रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों को आवाज में उतार-चढ़ाव लाने, अभिनय और नृत्य का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने इस परियोजना के सफल होने की उम्मीद जताई। इस परियोजना ने यौनकर्मियों विशेषकर उनके बच्चों में जिज्ञासा पैदा की है।
पश्चिम बंगाल में करीब एक लाख 30 हजार यौनकर्मियों के मंच दरबार महिला समन्वय समिति के एक अधिकारी ने बताया कि उन्होंने सोनागाछी में और अधिक प्रतिभागियों को इस परियोजना से जोड़ने के लिए प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। कई यौनकर्मियों ने भी कहा कि वे भी इस परियोजना को लेकर काफी उत्सुक हैं, ताकि भविष्य में उनकी जिंदगी बेहतर हो सके।

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