फ्रांस ने राफेल की कीमत घटाई, भारत ने 'और अधिक कमी' की मांग की - Jansatta
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फ्रांस ने राफेल की कीमत घटाई, भारत ने ‘और अधिक कमी’ की मांग की

सूत्रों ने कहा कि लागत बढ़ने और डॉलर की दर को ध्यान में रखते हुए संप्रग के समय की निविदा के अनुसार 36 राफेल विमानों की कीमत 66000 करोड़ रुपए (करीब नौ अरब यूरो) होती है।

Author नई दिल्ली | January 28, 2016 11:45 AM
रफाल लड़ाकू जेट विमान (फाइल फोटो)

फ्रांस ने राफेल लड़ाकू विमानों की कीमत में मामूली कमी की है लेकिन भारत और अधिक कमी की मांग कर रहा है और अरबों रुपए का इस सौदे को अंतिम रूप दिये जाने में अभी कम से कम छह सप्ताह और लग सकते हैं। सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह बात कही। सूत्रों ने कहा कि लागत बढ़ने और डॉलर की दर को ध्यान में रखते हुए संप्रग के समय की निविदा के अनुसार 36 राफेल विमानों की कीमत 66000 करोड़ रुपए (करीब नौ अरब यूरो) होती है। इसमें वह लागत भी शामिल है जो उन बदलावों को करने में आई है जो भारत ने विमान में करने के लिए मांग की थी।

सूत्रों ने कहा, ‘‘कीमत कम करके करीब आठ अरब यूरो (59000 करोड़ रुपए के आसपास) पर लाने के प्रयास चल रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि वास्तव में कीमत को लेकर मोलभाव 21 जनवरी से ही शुरू हुआ है। उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने संप्रग के समय की निविदा के हिसाब से मूल कीमत में कमी की है लेकिन हम और कमी की अपेक्षा करते हैं।’’ फ्रांस द्वारा अब विमान की कीमत के लिए जो पेशकश की जा रही है, उसके बारे में पूछे जाने पर सूत्रों ने कहा कि इनमें ‘मामूली’ कमी की गयी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद दासॉल्ट एविऐशन द्वारा बताई गयीं शर्तों से बेहतर शर्तों पर विमान की आपूर्ति के लिए एक अंतर-सरकारी समझौते को अंतिम रूप देने के लिए सहमत हो गये थे। बातचीत का एक और बिंदु अग्रिम राशि के भुगतान का है जो भारत को अदा करना होगा। सूत्रों ने कहा, ‘‘कम से कम 50 प्रतिशत अग्रिम भुगतान करना होगा जिसमें 15 प्रतिशत तत्काल भुगतान शामिल है।’’

सूत्रों ने कहा, ‘‘दस्तावेज (अंतर-सरकारी समझौते के) को कानूनी पड़ताल और सुरक्षा पर कैबिनेट समिति से मंजूरी आवश्यक होगी।’’ उन्होंने यह भी कहा कि समझौते पर 50 प्रतिशत ऑफसेट लागू होगा यानी परियोजना की आधी कीमत के बराबर धन किसी भी माध्यम से भारत में आएगा या उसे यहां निवेश किया जाएगा। फ्रांसीसी अधिकारियों ने पहले इस पर सहमति नहीं जताई थी लेकिन पिछले साल अगस्त में मोदी की ओलांद से फोन पर बातचीत के बाद इस अवरोध को भी समाप्त कर लिया गया।

ओलांद की यात्रा के दौरान 25 जनवरी को एमओयू होने के बाद राफेल के निर्माता दासॉल्ट एविऐशन ने एक बयान में कहा था, ‘‘हम प्रगति से बहुत खुश हैं और अगले चार सप्ताह के अंदर एक संपूर्ण समझौते को अंतिम रूप देने के फ्रांसीसी अधिकारियों के प्रयासों में उन्हें सक्रियता से समर्थन दे रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि समझौता भारत को 36 राफेल विमानों की बिक्री के लिए एक करार को अंतिम रूप देने का रास्ता साफ करेगा।

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