scorecardresearch

कोरोनाः उधर चौथी लहर आने की आशंका, इधर 8वीं पास कर रहे संक्रमण का इलाज, बगैर चेकअप लगा देते हैं सुई

कोरोना की चौथी लहर को लेकर NITI Aayog के सदस्य डॉ वीके पॉल ने साफ किया कि भारत एक और संभावित लहर के लिए तैयार है क्योंकि आबादी का एक बड़ा हिस्सा स्वाभाविक रूप से प्रतिरक्षित है।

Corona, Fourth wave
भारत में अब तक कोरोना महामारी की तीन लहरें देखी जा चुकी हैं(फोटो सोर्स: PTI)।

देश में कोरोना के मामलों से जहां राहत की सांस ली जा रही थी वहीं अब आशंका जताई जा रही है कि कोरोना महामारी की चौथी लहर देश में आ सकती है। दरअसल यूरोप और एशिया सहित दुनिया के कई हिस्सों में कोविड -19 मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जा रही है। मामलों के बढ़ने के तरीके दुनिया को आश्चर्यचकित कर रहे हैं। ऐसे में कयास है कि कोरोना वायरस की एक और संभावित लहर आने की संभावना है।

बता दें कि भारत में अब तक इस महामारी की तीन लहरें देखी जा चुकी हैं। इसमें कोविड-19 के खतरनाक डेल्टा संस्करण काफी घातक साबित हुआ था। हालांकि, भारतीय विशेषज्ञों का मानना ​​​​है कि जब तक ऐसा कोई दूसरा वैरिएंट नहीं आता है, तब तक चौथी लहर आने की कोई संभावना नहीं है।

वहीं ओमिक्रोन सब वेरिएंट BA2 के दक्षिण कोरिया में काफी मामले देखे जा रहे हैं। हालत यह है कि एक ही दिन में 6 लाख से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि यूनाइटेड किंगडम और कई अन्य यूरोपीय देश, भारतीय विशेषज्ञ इससे चिंतित नहीं हैं कि देश में एक और लहर शुरू हो गई है। वहीं भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर के गणित और सांख्यिकी विभाग के एक अध्ययन से पता चला है कि इस साल जून में कोविड -19 की चौथी लहर आ सकती है।

हालांकि शोध के मुताबिक चौथी लहर भारत के स्वास्थ्य ढांचे पर अधिक प्रभावकारी नहीं होगी। हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NITI Aayog के सदस्य डॉ वीके पॉल ने साफ किया कि भारत एक और संभावित लहर के लिए तैयार है क्योंकि आबादी का एक बड़ा हिस्सा स्वाभाविक रूप से प्रतिरक्षित है। साथ ही देश में लोग कोविड के टीकों की दोनों खुराक प्राप्त कर चुके हैं। ऐसे में पिछले अनुभवों के आधार पर चौथी लहर अधिक प्रभावी नहीं होगी।

कोरोना की चौथी लहर की आशंका के बीच राजस्थान में हैरत कर देने वाला स्वास्थ्य से जुड़ा मामला सामने आया है। बता दें कि राजस्थान के दौसा में मामूली खांसी जुकाम होने पर बबीता बैरवा (21) को एक झोलाछाप डॉक्टर ने 2 इंजेक्शन लगाए। जिसके 5 मिनट बाद ही विवाहिता ने दम तोड़ दिया।

वैसे यह पहला मामला नहीं है। जयपुर में ऐसे करीब 400 झोलाझाप डॉक्टर लोगों की जान से खेल रहे हैं। जिनकी वजह से आये दिन लोगों की मौत हो रही है। दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक जयपुर में कई 8वीं और 12वीं पास झोलाछाप बिना जांच के लोगों का इलाज कर रहे हैं और उन्हें इंजेक्शन तक लगा रहे हैं।

डूंगरपुर के चौरासी में एक महिला और उसके तीन बच्चों को तेज बुखार आने पर उसकी जांच किये बिना एक झोलाझाप डॉक्टर ने ड्रिप चढ़ा दी। जिसमें महिला की घर जाते समय मौत हो गई। कोरोना महामारी के बीच इस तरह के झोलाझाप डॉक्टर लोगों की जान से खेल रहे हैं।

पढें राष्ट्रीय (National News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट