ताज़ा खबर
 

पकौड़े तल कर किया पीएम का विरोध, चार लड़कों से 80 हजार रुपए जुर्माना वसूलेगा जेएनयू, मिली और भी सजा

प्रोक्टर की ओर से यह लेटर 8 फरवरी को जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी शनिवार को यानी 10 फरवरी को यूनिवर्सिटी में कई जगह पर प्रदर्शन हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ प्रोक्टर की ओर से विरोध प्रदर्शन ना करने का आदेश देने के बाद भी जब छात्र नहीं रुके तब उनके ऊपर जुर्माना लगाया गया।

Author February 11, 2018 10:18 AM
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (एक्सप्रेस फोटो)

अक्सर चर्चा में रहने वाली जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी एक बार फिर खबरों में है। इस बार यूनिवर्सिटी के चार छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोध में पकौड़े बेचने को लेकर जेएनयू चर्चा में है। जेएनयू में चार छात्रों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाते हुए 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही साथ एक छात्र को हॉस्टल से भी निकाल दिया गया है, वहीं तीन अन्य छात्रों की सजा के तौर पर हॉस्टल बदल दिया गया है। दरअसल, पीएम मोदी ने जी टीवी को दिए एक इंटरव्यू में पकौड़े बेचने को रोजगार बताया था। उनके इस बयान का विरोधी पार्टियों द्वारा काफी विरोध किया जा रहा है। एनएसयूआई से जुड़े जेएनयू के छात्रों ने भी पीएम के इस बयान के साथ-साथ यूनिवर्सिटी में अनिवार्य उपस्थिति के आदेश के विरोध में 5 फरवरी को पकौड़ा बेचकर प्रदर्शन किया था।

चीफ प्रोक्टर ने छात्रों की इस हरकत को अनुशासनहीनता करार दिया। प्रोक्टर की ओर से जारी आदेश में कहा गया, ‘प्रथम दृष्टि में यह पाया गया कि आप लोगों ने साबरमती बस स्टैंड के पास सड़क को ब्लॉक किया और प्रशासनिक भवन के पास स्थित टी-प्वाइंट पर भी आप लोगों की वजह से जाम लगा था, जिसके कारण छात्रों और बाकी सारे स्टाफ को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हॉस्टल का सामान लेकर जाने वाले वाहनों को भी काफी दिक्कत हुई। इसके अलावा चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर (सीएसओ) ने आपको कई बार प्रदर्शन के स्थान पर पकौड़ा तलने से मना किया था, लेकिन आप लोगों ने उनकी बात नहीं मानी। वहीं आप लोगों ने प्रदर्शन के स्थान पर रात को फिल्म भी दिखाई और इलेक्ट्रिक केबल भी अपने साथ लेकर गए। यह सारी हरकतें अनुशासनहीनता के तहत आती हैं।’

प्रोक्टर की ओर से यह लेटर 8 फरवरी को जारी किया गया था, लेकिन उसके बाद भी शनिवार को यानी 10 फरवरी को यूनिवर्सिटी में कई जगह पर प्रदर्शन हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीफ प्रोक्टर की ओर से विरोध प्रदर्शन ना करने का आदेश देने के बाद भी जब छात्र नहीं रुके तब उनके ऊपर जुर्माना लगाया गया। जेएनयू के तीन छात्र अलिमुद्दीन, मुकेश कुमार और मनीष मीना को नोटिस जारी करते हुए कहा गया, ‘प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए वाइस चांसलर ने आप सभी के ऊपर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना लगाते हुए तत्काल प्रभाव से आपको हॉस्टल बदलने का आदेश दिया है।’ इसके अलावा चौथे छात्र विकास यादव के लिए जारी नोटिस में जुर्माने की बात तो कही ही गई है, लेकिन साथ ही साथ लिखा है, ‘आपको तत्काल प्रभाव से अगले दो सेमेस्टर तक के लिए हॉस्टल छोड़ना होगा।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App