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दिल्ली पुलिस की रडार पर हैं ये चार वकील, पुलिसवाले को कोहनी मारने, आग लगाने और चैन से पीटने के हैं आरोप

इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसे ही कुछ वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को खोज निकाला है जिनमें नजर आ रहे वकील पुलिस की रडार पर हैं। हालांकि इंडियन एक्सप्रेस बातचीत में वकील और उनके परिजनों ने इस तरह की घटना में लिप्त होने से इनकार किया है।

(क्लॉकवाइज टॉप लेफ्ट) सागर शर्मा, प्रीति तिवारी, कपिल तंवर और राकेश।

पुलिस और वकीलों के आपसी विवाद के बाद सोशल मीडिया में कुछ वीडियो वायरल हुए जिनमें वकील पुलिसकर्मियों को कोहनी मारते, पीटते हुए और धक्का-मुक्की करते हुए नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया में ऐसे भी वीडियो वायरल हुए जिनमें बाइक को आग लगाने की कोशिश की गई। अन्य वीडियो में भीड़ मौजूद कोर्ट के लोकअप की तरफ बढ़ रही है। इनमें एक वकील के हाथ में चैन है। इंडियन एक्सप्रेस ने ऐसे ही कुछ वीडियो और सीसीटीवी फुटेज को खोज निकाला है जिनमें नजर आ रहे वकील पुलिस की रडार पर हैं। हालांकि इंडियन एक्सप्रेस बातचीत में वकील और उनके परिजनों ने इस तरह की घटना में लिप्त होने से इनकार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने पक्षपातपूर्ण जांच की। मंगलवार (5 नवंबर, 2019) पुलिस ने साकेत कोर्ट के बाहर एक क्लिप में देखे गए वकीलों में एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की, जहां एक बाइक सवार कांस्टेबल को कथित तौर पर पीटा गया था।

कपिल तंवर
वीडियो- पुलिसकर्मी को कोहनी मारते हुए देखे गए
कपिल तंवर अपने परिवार के साथ दक्षिणी दिल्ली के फतेहपुर बेरी के कहिया मोहल्ले में रहते हैं, जहां उनका परिवार दूध का कारोबार करता है। उन्होंने बीए किया हैं और एलएलबी मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से की। तंवर सिविल और आपराधिक मामलों से जुड़े केस लड़ते हैं। फेसबुक स्टेटस में उनका दावा है कि वो दिल्ली हाईकोर्ट से जुड़े हैं। 26 वर्षीय तंवर साकेत कोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यकारिणी सदस्य पद के लिए भी चुनाव लड़ रहे हैं। तंवर मां की पुष्पा ने बताया, ‘उन्होंने प्रैक्टिस करना शुरू किया जब वे पढ़ रहे थे और पिछले तीन साल से बदरपुर के एक वरिष्ठ वकील के साथ जुड़े थे। सोमवार सुबह से वो घर नहीं लौटे हैं।’

सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो में तंवर बाइक पर बैठे कांस्टेबल को कोहनी से मारते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पुलिकर्मी को दो बार थप्पड़ भी मारे और पीछे से हेलमेट फेंककर मारा। कपिल तंवर के पिता सुभाष तंवर ने बताया, ‘वह सोमवार सुबह ऑफिस जाने के लिए घर से निकले थे। हमें घटना की जानकारी दोपहर बाद उस वक्त मिली जब सोशल मीडिया में वायरल हो रहा एक वीडियो देखा। मैंने उन्हें फोन किया तो बताया कि न्यूज चैनल आधी कहानी बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि वह और एक दोस्त अपने एक रिश्तेदार को छोड़ने जा रहे थे जब कांस्टेबल ने अपनी बाइक से उसे टक्कर मार दी। उसे धमकी दी गई। वीडियो वायरल होने के बाद गलत धाराओं में उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।’

सागर शर्मा
वीडियो- पार्किंग विवाद के दौरान फुटेज के बीच में दिखाई दिए
सीसीटीवी फुटेज में सागर शर्मा कोर्ट लॉकअप परिसर में नजर आ रहे हैं। उनके साथ दो सहयोगी भी हैं जो पुलिसकर्मी से बहस कर रहे हैं। पुलिस का दावा है कि कांस्टेबल प्रदीप कुमार चाहते थे कि शर्मा अपनी जीभ कथित तौर पर पार्क की गई उस जगह से हटा लें जो आवंटित है। फुटेज में नजर आ रहा है कि शर्मा पुलिसकर्मी को धक्का दे रहे हैं। इसके बाद उन्हें एक अन्य पुलिसकर्मी लॉक-अप परिसर के अंदर ले गया। वो अपने कॉलर को ठीक करते हुए कुछ सेकंड के भीतर ही बाहर आ गए।

बता दें कि सागर शर्मा ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के कैंपस लॉ सेंटर से ग्रेजुएशन किया है और वो उत्तरी दिल्ली के गुलाबी बाग निवासी हैं। वह वरिष्ठ वकील ललित शर्मा के साथ पिछले तीन सालों से काम कर रहे हैं। वह सिविल और क्रिमिनल मामलों से जुड़े केस लड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं 18 घंटे की शिफ्ट करता हूं। उस दिन मैं जल्दी में था। तब पुलिस के साथ छोटी सी बहस हुई थी। मैं अपने वाहन को दूसरे जगह पार्क कर सकता था मगर उन्होंने मेरे साथ बुरा व्यवहार किया।’

शर्मा ने कहा कि एक न्यायिक अधिकारी को बंद करने की पुलिस की कार्रवाई अवैध थी। उन्होंने दावा किया कि जब पुलिसकर्मियों से अपनी पहचान बताने के लिए कहा तो उन्हें हवालात ले जाया गया। शर्मा ने कहा, ‘हम न्यायालय परिसर में हैं और आप नियम नहीं तोड़ सकते। मैं विनम्रता से कानून की नियम प्रक्रिया का पालन करना चाहता था। पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो पूरी तस्वीर नहीं दिखाते हैं।’ शर्मा ने कथित रूप से पिटाई और उन्हें भ्रमित करने के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

राकेश कुमार
वीडियो- लॉक-अप खोलने की कोशिश करते हुए देखे गए
राकेश कुमार तीस हजारी कोर्ट में सिविल मामलों से जुड़े केस लड़ते हैं। वो पुलिस द्वारा फिल्माए गए कम से कम तीन वीडियो में नजर आ रहें हैं जिन्होंने वकीलों द्वारा हंगामा किए जाने पर खुद को कोर्ट लॉक-अप के अंदर बंद कर लिया था। एक क्लिप में वह वकीलों के साथ लॉकअप की तरफ भागते हुए दिखाई देते हैं। दूसरे वीडियो में वह लॉकअप खोलने की कोशिश करते हुए देखे गए। राकेश कुमार के मुताबिक, ‘मैंने चैन पुलिस से छीनी थी और इसका इस्तेमाल खुद की सुरक्षा में कर रहा था।’

कुमार ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया है और एक दशक से अधिक समय से तीस हजार कोर्ट में है और पुलिस के भ्रष्टाचारी होने के सबूत होने का दावा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मेरे पास ऐसे सबूत हैं जो पुलिस की प्रतिष्ठा को खत्म कर देंगे।’

प्रीति तिवारी
वीडियो- बाइक को आग लगाने की कोशिश करते हुए देखा गया
पुलिस द्वारा जांच की जा रही फुटेज में प्रीति तिवारी को बाइक में आग लगाते हुए देखा गया है। एक अन्य वीडियो में, वह कुछ वकीलों को हटाती हुई दिखाई दे रही हैं, जो लॉकअप की तरफ बढ़ रहे हैं। पूर्वांचल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट प्रीति तिवारी क्रिमिनल केस और सिविल मामलों से जुड़े केस लड़ती हैं और पिछले सात सालों से तीस हजारी कोर्ट में कार्यरत हैं। वह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को मुफ्त कानूनी सलाह देने का दावा करती हैं।

तिवारी ने कहा, ‘मैं पुलिसकर्मियों और अंडरट्रायल कैदियों को बचा रही थी। तब मेरी पीठ पर मारा गया। उन्होंने मुझसे जुड़ा जो वीडियो जारी किया है उसमें मैं आगजनी करती हुई नजर आ रही हूं। उन्हें ऐसा करने दो, मुझे पता है कि सच्चाई क्या है। मैं अपने केस की वकालत करूंगी।’

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