जम्मू-कश्मीर के कठुआ में CISF कैंप में फायरिंग की घटना की जानकारी अधिकारियों की तरफ से दी गई है। बताया जा रहा है कि बसोली में स्थित इस कैंप में जवानों के बीच आपसी झगड़ा हुआ जिसके बाद फायरिंग हुई। इस घटना में 4 जवानों की मौत हो गई है।

मारे गए जवान पहले गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसके बाद उन्हें NHPC अस्पताल ले जाया गया था, जहां चारों जवानों की मौत हो गई। यह घटना शाम करीब 7:10 बजे सेवा-2 हाइडल प्रोजेक्ट में हुई, जहां CISF के जवान तैनात हैं। फायरिंग की घटना के पीछे की वजह की जांच की जा रही है।

दो जवानों के बीच बहस के बाद हुई फायरिंग

अधिकारियों ने बताया कि सीआईएसएफ के ये जवान हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटे बसोहली के मशका गांव स्थित सेवा-तृतीय बिजली परियोजना की सुरक्षा में तैनात थे। उन्होंने कहा कि किसी मुद्दे को लेकर दो जवानों के बीच बहस हुई, जिसके बाद उनमें से एक ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में चार कर्मियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।

2009 बैच के हेड कांस्टेबल ने की फायरिंग

न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, CISF के 2009 बैच के एक हेड कांस्टेबल ने यह फायरिंग की है। आरोपी हेड कांस्टेबल को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस ने इंटरनल जांच शुरू कर दी है।

मारे गए जवानों की पहचान

CISF की ओर से मारे गए जवानों के नाम भी जारी कर दिए गए हैं। इनके नाम असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद, कांस्टेबल संदीप कुमार और सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह हैं।

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