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खाक हुए सेना के 4 ट्रक, बाल-बाल बचे 90 जवान

सेना के जवान ट्रकों के साथ मालगाड़ी के जरिये बेंगलुरु से फैजाबाद जा रहे थे। मध्य प्रदेश के बैतूल-इटारसी रेलखंड पर ट्रकों में आग लग गई। गार्ड ने आग की लपटों को उठता देख ट्रेन रुकवाई थी।

सेना के ट्रकों को मालगाड़ी से ले जाया जा रहा था, जब अचानक से उनमें आग लग गई। (प्रतीकात्मक फोटो)

मध्य प्रदेश में सेना के चार ट्रक जलकर खाक हो गए। गनीमत रही कि जवानों को कुछ नहीं हुआ। सेना के ट्रकों को विशेष मालगाड़ी से बेंगलुरु से फैजाबाद ले जाया जा रहा था। यह घटना गुरुवार (10 मई) को मध्य प्रदेश के बैतूल-इटारसी रेलखंड पर हुआ। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के अनुसार, ट्रेन के उसी कोच में कुल 90 जवान भी सवार थे। दाराकोह और मारमझिरी के बीच हुए हादसे में सेना के जवान बाल-बाल बच गए। सेना के ट्रकों में दोपहर तकरीबन 12.30 बजे अचानक से आग लग गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही आग बुझाने के लिए मौके पर दमकल की कई गाड़ियां भेजी गई थीं। अग्निशमन दस्ते के जवानों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था। स्थानीय पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में चार ट्रकों को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने बताया कि गार्ड ने ट्रकों से आग की लपटें उठते देखा था, जिसके बाद फौरन ट्रेन को रोका गया था। आग लगने की वजहों का पता नहीं चल सका है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि एक जगह पर ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूटी हुई थी, जिसके कारण आग लगी।

दुर्घटना के कारण कई ट्रेनें हुईं लेट: सेना का ट्रक ले जा रहे वाहन में आग लगने से बैतूल-इटारसी रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई थी। इससे कई ट्रेनें लेट हो गईं। ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोक दिया गया था, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। इसके अलावा ओवरहेड लाइन में बिजली की आपूर्ति भी रोकनी पड़ी थी, जिससे अग्निशमन दस्ता आग पर काबू पा सकें। रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन बाधित होने से सवारी ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। इससे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आग को पूरी तरह से बुझाने के बाद ही ट्रेनों की आवाजाही को अनुमति दी गई थी। इससे पहले ओवरहेड लाइन की भी जांच पड़ताल की गई थी। बता दें कि भारतीय सेना आमतौर पर ट्रेनों के जरिये अपने साजो-सामान को एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं। इसके लिए विशेष मालगाड़ी का इस्तेमाल किया जाता है।

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