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मास्किंग-मास्किंग कहने से कुछ नहीं होगा, बोले फोर्टिस चेयरमैन- नया वेरिएंट खतरनाक, आज जरूरत है डबल मास्क लगाने की

फोर्टिंस चेयरमैन ने कहा कि ये समय नाजुक है। दो मास्क लगाने से 95 फीसदी तक बचाव हो सकता है। उनका कहना है कि इस समय वायरस की चेन को तोड़ना बेहद जरूरी है। यह तभी हो सकता है जब लोग खुद एहतियात बरतें।

aajtak, aajtak dangal, corona, covid-10, mask, fortis chairmenफोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के चेयरमैन डॉ अशोक सेठ (फोटोः स्क्रीनशॉट यूट्यूब वीडियो)

कोरोना का खौफ हर आदमी के सिर चढ़कर बोल रहा है। ऐसे में क्या करें और क्या नहीं पर आजतक की डिबेट में फोर्टिस के चेयरमैन ने कहा हालात खराब हैं। लेकिन इनसे बचने का केवल एक उपाय है और वह है मास्क। जनता को इसकी गंभीरता को समझना होगा।

डॉ. अशोक सेठ ने कहा कि केवल मास्किंग मास्किंग चिल्लाने भर से कुछ नहीं होगा। कोरोना का नया वेरिएंट खतरनाक है। पहले वाले से बचने का उपाय सिंगल लेयर मास्क हो सकता था, लेकिन अब जो नया वेरिएंट है उसके लिए डबल मास्क इस्तेमाल में लाना जरूरी है। उनका कहना है कि लोगों को चाहिए कि सर्जिकल मास्क के ऊपर भी एक मास्क पहनें, या फिर दो कपड़ों का मास्क लगाएं।

फोर्टिंस चेयरमैन ने कहा कि ये समय नाजुक है। दो मास्क लगाने से 95 फीसदी तक बचाव हो सकता है। उनका कहना है कि इस समय वायरस की चेन को तोड़ना बेहद जरूरी है। यह तभी हो सकता है जब लोग खुद एहतियात बरतें। जिस तरह से लोग अस्पताल में पहुंच रहे हैं, उसमें एक अजीब तरह की स्थिति बन रही है।

सफदरजंग अस्पताल के डॉ अनूप कुमार ने कहा कि दवाओं की कमी पर हड़बड़ाने की जरूरत नहीं है। रेमडेसिविर का लोग घर पर ही इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल कई और रोग पैदा कर सकता है। डॉ. अनूप ने कहा कि इस समय सबसे बड़ी जरूरत ऑक्सीजन की सप्लाई को ठीक करने की है। मरीजों को इस समय सबसे ज्यादा जरूरत ऑक्सीजन की है। इससे ही उनकी जान बचाई जा सकती है।

हीरानंदानी अस्पताल के डॉ विमल पाहुजा का कहना था कि पहली लहर जाने के बाद जिस तरह से केस कम हुए उसमें लोग लापरवाह हो गए। लोग ऐसे बर्ताव करने लगे थे जैसे कि वायरस चला गया। लेकिन इस दौरान वायरस ने भी खुद को ताकतवर बनाया तो लोगों की लापरवाही से ऐसे हालात बन गए। उनका भी कहना था कि मास्क पहनना इस समय नेशलल ड्यूटी है। इस समय हालात खतरनाक हैं। डॉक्टरों पर बोझ पहुत ज्यादा बढ़ गया है। वो थके हुए हैं। उनका कहना था कि लॉकडाउन से हालात ठीक हो सकते हैं।

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