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30 अफसरों ने ऐसे पकड़ा पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम को: पिछले दरवाजे पर डटे 10 सीबीआई अफसरों ने फांदी दीवार

बुधवार को जैसे ही चिदंबरम पार्टी कार्यकर्ताओं और वकील कपिल सिब्बल व अभिषेक सिंघवी के साथ अपने जोरबाग स्थित घर पहुंचे। उस समय सादे कपड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के 20 अधिकारी उनके घर पहुंचे।

चिदंबरम से सीबीआई मुख्यालय में देर रात लंबी पूछताछ की गई। (फोटोः पीटीआई)

सीबीआई ने पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को आईएनएक्स मीडिया मामले में बुधवार (21 अगस्त) को उनके जोर बाग स्थित निवास से गिरफ्तार किया। चिदंबरम के गिरफ्तारी की यह कार्रवाई पूरी तरह से नाटकीय घटनाक्रम थी। चिदंबरम को गिरफ्तार करने में ईडी और सीबीआई के 30 अधिकारी शामिल रहे।

टेलीग्राफ की खबर के अनुसार बुधवार को जैसे ही चिदंबरम पार्टी कार्यकर्ताओं और वकील कपिल सिब्बल व अभिषेक सिंघवी के साथ अपने जोरबाग स्थित घर पहुंचे। उस समय सादे कपड़े में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के 20 अधिकारी उनके घर पहुंचे। इनमें से 10 अधिकारी चिदंबरम के घर के पिछले दरवाजे पर पहुंचे। वहीं सीबीआई के 10 अधिकारी दीवार फांद कर उनके घर में घुसे।

सीबीआई के एक सूत्र ने माना की दीवार फांदने की सीबीआई अधिकारियों की ‘अप्रत्याशित’ फुटेज जो एजेंसी के लिए ‘अजीब’ हो सकती है लेकिन यह ‘समय की मांग’ थी। सूत्र ने बताया कि गेट बंद था। वहां चारों तरफ पत्रकार थे, कुछ कांग्रेस समर्थक हमारे अधिकारियों का रास्ता रोकने और घेराव करने के लिए एकत्रित हो गए थे।

अधिकारियों ने ऊपर से मिले आदेशों के अनुसार ही काम किया। चिदंबरम को रात 10.22 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि चिदंबरम से देर रात तक लंबी पूछताछ चली। उसने यह भी बताया कि पूर्व वित्त मंत्री को उनकी पसंद का खाना उपलब्ध कराया गया लेकिन इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई की उन्हें अलग से कोई कमरा, बिस्तर व तकिया दिया गया या नहीं।

सुप्रीम कोर्ट में एक पीठ से दूसरी पीठः  बात इससे पहले हाईकोर्ट की तरफ से जमानत याचिका खारिज करने के बाद चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने व अग्रिम जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। चिदंबरम के वकील ने जस्टिस एनवी रमना की पीठ के समक्ष कहा कि उन्हें एक पीठ से दूसरी पीठ के पास भेजा जा रहा है।

इससे पहले वह चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ के समक्ष पेश हुए थे। अयोध्या मामले की सुनवाई के कारण चीफ जस्टिस की पीठ ने सिब्बल को जस्टिस एनवी रमना की पीठ के समक्ष जाने को कहा गया। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जब मैं आपके पास आया हूं तो मुझे फिर चीफ जस्टिस की पीठ के समक्ष जाने के लिए कहा जा रहा है।

मालूम हो कि यह पूरा मामला साल 2007 में विदेशी विनिमय प्रवर्तन बोर्ड की तरफ से आईएनएक्स मीडिया को 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश को मंजूरी देने से संबंधित है। उस समय चिदंबरम वित्त मंत्री थे।

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