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चुनावी खर्च का ब्योरा न देने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री पर गाज, चुनाव आयोग ने लगा दिया 3 साल का प्रतिबंध

नाइक को आदेश की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभा, विधान परिषद और केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री पर चुनाव आयोग ने तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया है। (एक्सप्रेस फोटो)।

पूर्व केंद्रीय मंत्री बलराम नाइक पोरिका को चुनाव आयोग ने 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में अपने चुनावी खर्च का विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहने पर तीन साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया है।

नाइक, जिन्होंने यूपीए सरकार में राज्य मंत्री के रूप में कार्य किया था, ने तेलंगाना के महबूबाबाद (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र से 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा था। वे यह चुनाव हार गए थे। चुनाव आयोग द्वारा 10 जून को जारी एक आदेश के अनुसार, नाइक खातों की जानकारी जमा करने में विफल रहे हैं, हालांकि उन्हें एक कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। चुनाव आयोग का आदेश 18 जून, 2021 के तेलंगाना राजपत्र में प्रकाशित हुआ था। आदेश में कहा गया है, “तथ्यों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर, आयोग संतुष्ट है कि बलराम नाइक पोरिका चुनाव खर्च के अपने खातों को दर्ज करने में विफल रहे हैं और ऐसा करने में विफलता के लिए कोई अच्छा कारण या औचित्य नहीं है।”

नाइक को आदेश की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए लोकसभा, राज्यसभा, विधान सभा, विधान परिषद और केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया है।

एक वीडियो संदेश में, नाइक ने दावा किया कि उन्होंने लोकसभा चुनाव के संबंध में सभी कागजात जमा कर दिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह या तो अदालत के माध्यम से या चुनाव अधिकारियों से अनुरोध करके संबंधित अधिकारियों को सभी संबंधित कागजात भेजेंगे।

वहीं, चुनावी ट्रस्ट के माध्यम से 2019-20 में भाजपा को चंदे के रूप में 276.45 करोड़ रुपये मिले जो सभी राजनीतिक दलों को मिले कुल चंदे की 76.17 प्रतिशत राशि है। यह जानकारी चुनाव अधिकार समूह एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट में दी गई है।

रिपोर्ट के अनुसार चंदा मिलने के मामले में भाजपा के बाद कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही जिसे 58 करोड़ रुपये मिले जो सभी सातों चुनावी ट्रस्ट से सभी राजनीतिक दलों को मिले कुल चंदे की 15.98 प्रतिशत राशि है।

चुनावी ट्रस्ट की वित्त वर्ष 2019-20 में चंदा संबंधी रिपोर्ट का विश्लेषण करनेवाली एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया कि चुनावी ट्रस्ट को चंदा देने वाले शीर्ष चंदा प्रदाताओं में जेएसडब्ल्यू, अपोलो टायर्स, इंडियाबुल्स, दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा और डीएलएफ समूह शामिल हैं।

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