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दावा: वंदे मातरम पर सबसे पहले किसी मुस्लिम ने नहीं; टैगोर ने जताई थी आपत्ति, अली जिन्ना ने गाया था पूरा सॉन्ग

खान ने कहा, "वंदे मातरम पर जब गुरुदेव ने ऐतराज जताया तो एक कमेटी बनाई गई। उस कमेटी ने काबिल-ए-एतराज हिस्से को राष्ट्र गीत से निकाल दिया। जो हिस्से बचे उसे खुद टैगोर ने कम्पोज किया और बनारस के कांग्रेस अधिवेशन में उनकी भतीजी या भांजी ने गाया।

Author नई दिल्ली | July 19, 2019 8:14 PM
पूर्व केन्द्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान।

राजीव गांधी की सरकार में मंत्री रहे आरिफ मोहम्मद खान ने दावा किया है कि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर सबसे पहला ऐतराज रवीन्द्र नाथ टैगोर ने किया था। इंडिया टीवी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा, “इस पर किसी मुसलमान ने पहले ऐतराज नहीं जताया था बल्कि सबसे पहले ऐतराज जताया था गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर ने।” उन्होंने कहा, “रफी अहमद किदवई का स्टेटमेंट है कि मोहम्मद अली जिन्ना ने मेरे बगल में खड़े होकर वंदे मातरम गाया था लेकिन जब अलग पाकिस्तान की मांग करने लगे तो उन्हें वंदे मातरम में दोष नजर आने लगा।”

खान ने कहा, “वंदे मातरम पर जब गुरुदेव ने ऐतराज जताया तो एक कमेटी बनाई गई। उस कमेटी ने काबिल-ए-एतराज हिस्से को राष्ट्र गीत से निकाल दिया। जो हिस्से बचे उसे खुद टैगोर ने कम्पोज किया और बनारस के कांग्रेस अधिवेशन में उनकी भतीजी या भांजी ने गाया। जब एंकर ने कहा कि जो चीज मुस्लिम समुदाय को नागवार लगती है, वह आपको पसंद आती है तो खान ने पूछा कि बताओ वंदे मातरम में क्या काबिल-ए-एतराज है?

खान ने बताया कि उन्होंने वंदे मातरम का अनुवाद किया था और फतवा जारी करने वाले मौलवी नदवी को भिजवाया था कि कोई ये जाकर कहे कि ये एक गाना है वंदे मातरम का अनुवाद नहीं। इसके वाद उस अनुवाद पर कोई ऐतराज नहीं जताया गया क्योंकि उसमें कुछ भी आपत्तिजनक था ही नहीं। खान ने कहा कि वंदे मातरम में भी कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। खान ने बाद में वंदे मातरम का किया हुआ अनुवाद भी बताया। जो इस प्रकार है-

तस्लीमात, मां तस्लीमात।
(अर्थात् मां तुझे सलाम, मां तुझे सलाम।)
तू भरी है मीठे पानी से,
फल-फूलों की शादाबी से,
दखिन की ठंडी हवाओं से,
फसलों की सुहानी फिजाओं से,
तस्लीमात, मां तस्लीमात।

तेरी रातें रोशन चांद से,
तेरी रौनक सब्जे खाम से,
तेरी प्यार भरी मुस्कान है,
तेरी मीठी बहुत जुबान है,
तेरी बाहों में मेरी राहत है,
तेरी कदमों में मेरी जन्नत है।
तस्लीमात, मां तस्लीमात।

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