West Bengal News: तृणमूल कांग्रेस को शुक्रवार को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए है। इनमें सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक का नाम शामिल है। कोलकाता में बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने तीनों ही नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई है। वहीं, राज्यसभा उपचुनाव के लिए बीजेपी ने इन तीनों ही नेताओं को अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया है।

समिक भट्टाचार्य ने बीजेपी के साल्ट लेक स्थित प्रदेश कार्यालय में एक कार्यक्रम में तीनों पूर्व सांसदों का भाजपा का झंडा देकर स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी की प्रदेश इकाई के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश चिक बराइक ने पिछले महीने राज्यसभा से इस्तीफा दिया था।

बीजेपी में शामिल होते ही मिला राज्यसभा का टिकट

सुष्मिता देव से लेकर प्रकाश चिक और सुखेंदु शेखर रॉय तक के इस्तीफे की वजह से पश्चिम बंगाल के कोटे वाली तीन राज्यसभा की सीटें खाली हो गई थीं। इन तीनों ही सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। ऐसे में इन तीनों ही नेताओं को बीजेपी ने पार्टी में शामिल होने के साथ ही राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना प्रत्याशी भी बना दिया है। मतलब ये कि ये एक बार फिर राज्यसभा में ये नेता पहुंच जाएंगे, बस इस बार वे टीएमसी के नहीं बल्कि बीजेपी के पाले में होंगे।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने क्या कहा?

इस मौके पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा, “34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का राज था, उसके बाद तृणमूल कांग्रेस का। पश्चिम बंगाल में इतने लंबे समय तक चली पॉलिटिक्स ने हमारे फेडरल स्ट्रक्चर को चुनौती दी और उसे नकार दिया, सेंटर के साथ सहयोग करने के बजाय, टकराव का रास्ता अपनाया गया, जिससे सारा डेवलपमेंट रुक गया।”

समिक भट्टाचार्य ने कहा, “इसी बैकग्राउंड में और नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में अपना भरोसा रखते हुए, तीन सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। आज, ये तीनों- सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाइक और सुखेंदु शेखर रॉय… बीजेपी में शामिल हो गए हैं। ये तीनों MP ऐसे दिग्गज हैं जिनका राज्यसभा में परफॉर्मेंस सबको पता है।”

सुखेंदु शेखर रॉय ने ममता सरकार पर बोला बड़ा हमला

टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने इस मौके पर कहा,”देश में 800 सांसद हैं। उन 800 में से मैं अकेला ऐसा सांसद था जिसने सार्वजनिक रूप से यह मांग उठाई कि आरजी कर कांड से जुड़े सबूतों के साथ छेड़छाड़ को देखते हुए पुलिस कमिश्नर और संस्था के प्रिंसिपल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जानी चाहिए, यानी उन्हें गिरफ्तार कर पूछताछ की जानी चाहिए। किसी और में यह कहने का साहस नहीं था।”

पूर्व सांसद ने कहा, “मुझे एक ही दिन में दो बार नोटिस के जरिए लालबाजार बुलाया गया। मैंने मेडिकल सर्टिफिकेट जमा किया; मैंने कभी नहीं कहा कि मैं नहीं जाऊंगा लेकिन मैं बहुत बीमार था। मैंने अपने मेडिकल रिकॉर्ड भेजे, फिर भी उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। मुझे कलकत्ता हाई कोर्ट का रुख करना पड़ा। इसके बाद भी, लगातार तीन-चार महीनों तक, मुझे फोन पर जान से मारने और मेरी बेटी और पोती के अपहरण की धमकियां मिलती रहीं।”

सुखेंदु शेखर रॉय ने उस समय को याद करते हुए कहा, “मैं उस समय इस्तीफा दे सकता था, लेकिन मुझे डर था कि बंगाल में 400 से अधिक भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की हत्या को देखते हुए वे मेरी हत्या के लिए सुपारी किलर रख सकते हैं। चारों ओर डर और आतंक का माहौल था।”

सुष्मिता देव ने सीएम शुभेंदु अधिकारी के लिए क्या कहा?

बीजेपी में शामिल होने के बाद पूर्व टीएमसी सांसद सुष्मिता देव ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले भी कहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश और राज्यों में ‘दोहरे इंजन’ वाली सरकारों के माध्यम से किए गए कार्य निर्विवाद हैं; कोई भी इसका खंडन नहीं कर सकता। मैं पश्चिम बंगाल के लोगों से कहना चाहती हूं कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और प्रधानमंत्री मोदी को सिर्फ दो साल दीजिए। आप देखेंगे कि जिस तरह असम और त्रिपुरा का चेहरा बदल गया है, उसी तरह पश्चिम बंगाल का चेहरा भी पूरी तरह बदल जाएगा।”

इतना ही नहीं, सुष्मिता देव ने महुआ मोइत्रा के सवालों पर कहा, “महुआ जी खुद टीएमसी के शुद्धिकरण की बात करती हैं, जिसका अर्थ है कि वह मानती हैं कि टीएमसी अपवित्र है। कुणाल घोष जी विधानसभा में कहते हैं कि यह बलात्कारियों की पार्टी है। कुणाल जी ही बता सकते हैं कि वास्तव में उन बलात्कारियों को टिकट किसने दिए।”

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