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पूर्व CJI के खिलाफ SC के पूर्व जज ने खोला मोर्चा, जस्टिस रंजन गोगोई को बदमाश बता लगाई आरोपों की झड़ी

जस्टिस काटजू के पूर्व चीफ जस्टिस पर आरोप के इस दावे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दीं। ऐसे ही एक ट्विटर यूजर धृति कपाड़िया ने ट्वीट कर पूछा कि क्या यह सच है?

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस मार्कण्‍डेय काटजू अक्‍सर व‍िवाद‍ित टिप्पणी करते रहते हैं। (फोटो सोर्स: twitter.com/mkatju)

अपने बयानों से सुर्खियों में रहने वाले सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर निशाना साधा है। गुरुवार (23 जनवरी, 2020) को एक ट्वीट के जरिए उन्होंने रंजन गोगोई का पाक-साफ नहीं बताया और कहा कि वो बदमाश प्रवृत्‍त‍ि के आदमी हैं। जस्टिस काटजू ने भ्रष्टाचार के मामले में भी उनका दामन साफ नहीं होने की तरफ इशारा किया है। उन्होंने लिखा कि उनके दामाद की आय शादी से पहले कम थी जो शादी के बाद अचानक बढ़ गई।

पूर्व जस्टिस ने पूर्व सीजेआई से जुड़े यौन शोषण के मामले में भी सवाल उठाए हैं। बता दें कि रंजन गोगोई के सीजेआई रहते यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। अब महिला को फिर से बहाल कर दिया गया है।

न्यायमूर्ति एस ए बोबडे (अब प्रधान न्यायाधीश) के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय आंतरिक जांच समिति ने पिछले साल मई में इस मामले में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश (रंजन गोगोई) को क्लीनचिट दी थी।

उल्लेखनीय है कि जस्टिस काटजू के पूर्व चीफ जस्टिस पर आरोप के इस दावे के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रियाएं दीं। ऐसे ही एक ट्विटर यूजर धृति कपाड़िया ने ट्वीट कर पूछा कि क्या यह सच है?

इसके जवाब में जस्टिस काटजू ने ट्वीट कर कहा, ‘गोगोई के दामाद तन्मय मेहता से पूछिए कि सगाई करने से पहले उनकी आय क्या थी और बाद में क्या बदलाव आया? गोगोई के संबंधी जस्टिस वाल्मीकि मेहता के ट्रांसफर की सिफारिश कैसे रद्द हो गई? जस्टिस नंदराजोग की SC में पदोन्नति की सिफारिश क्यों रद्द की गई?’

बता दें कि दिल्ली की एक अदालत ने पिछले साल सितंबर में महिला कर्मचारी के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी का मामला बंद करते हुए नगर पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली थी। मामले में शिकायतकर्ता हरियाणा के झज्जर के निवासी नवीन कुमार ने कहा था कि याचिका के विरोध में वह नहीं है और वह मामले को नहीं चलाना चाहता है।

कुमार द्वारा यहां तिलक मार्ग थाने में शिकायत के बाद महिला के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी और आपराधिक साजिश के कथित आरोपों के लिए पिछले साल तीन मार्च को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

महिला ने पिछले साल अप्रैल में उच्चतम न्यायालय के 22 न्यायाधीशों के आवास पर शपथ पत्र भेजकर तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश गोगोई के खिलाफ आरोप लगाए थे। महिला ने दावा किया था कि उसका तबादला कर दिया गया और फिर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। (भाषा इनपुट सह‍ित)

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