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‘कोरोना का भी खतना कर डाला’, पूर्व SC जज बोले तो बिदके ट्रोल्स- ‘सर, आप जज कैसे बन गए?’

तीन अप्रैल को किए ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “कोरोना का भी खतना कर डाला। हरि ऊं।” ट्विटर पर ट्रोल्स ने इसी बात को लेकर उन्हें निशाने पर ले लिया। लोग बिदकते हुए उनसे पूछने लगे, “सर, आखिर आप जज कैसे बन गए?”

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू (Express photo by Jaipal Singh)

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस मार्कंडेय काटजू सोशल मीडिया पर अपनी एक टिप्पणी को लेकर ट्रोल कर दिए गए हैं। बिना किसी का नाम लिए कोरोना संकट के बीच उन्होंने कहा कि कोरोना का भी खतना कर दिया गया है।

तीन अप्रैल को किए ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “कोरोना का भी खतना कर डाला। हरि ऊं।” ट्विटर पर ट्रोल्स ने इसी बात को लेकर उन्हें निशाने पर ले लिया। @Anmol_India नाम के यूजर ने बिदकते हुए उनसे पूछा, “सर, आखिर आप जज कैसे बन गए?” इसी पर जवाब देते हुए और जस्टिस काटजू के मजे लेते हुए @rahi9891 ने कहा, “जैसे आसाराम बाबा बन गए।”

@SiddeeqKhan15 ने लिखा- नोएडा पुलिस कमिश्नर का कहना है कि हमने 70 जमात वालों की जांच की। किसी में भी बिमारी के लक्षण नजर नहीं आएं। सुनते ही रिपोर्टर का मुंह लटक गया।

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@madinabarkatkha ने काटजू पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस का इलाज खोज रही है और कुछ लोग कोरोना में मुसलमान ढूंढ रहे हैं। शर्म करिए।

@NadeemIrfan18 ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज को जवाब देते हुए लिखा- जहांपनाह, क्या आप यह कहना चाहते हैं कि कोरोना मुस्लिम वायरस है? भक्त अब पक्का इसका संबंध आईएसआईएस (कुख्यात आतंकी संगठन) से जोड़ेंगे, क्योंकि इसमें दोनों ही बातें हैं- आतंकित करना और जान ले लेना।

इसी बीच, @ekram_urrab नाम के हैंडल से पूछा गया, “मतलब कोरोना लड़का है?” वहीं, @ArsadRajaka ने लिखकर जस्टिस काटजू से पूछा- खाना पहले खाना है या बाद में?

काटजू का यह बयान, ऐसे वक्त पर आया है जब देश में कोरोना के कुल केसों में 30 फीसदी मामले तबलीगी जमात से जुड़े (स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, चार अप्रैल 2020 की शाम तक) थे। ऐसे में कोरोना को मजहबी रंग देने की भी कुछ कोशिशें हुईं।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ऐसी ही कोशिशों पर शनिवार को कहा था कि कोरोना वायरस के अलावा ‘‘बांटने वाला’’ एक वायरस भी है। ठाकरे और तमिलनाडु के उनके समकक्ष के पलानीस्वामी ने देश में वायरस के फैलने को मजहबी रंग नहीं देने की अपील की है।

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