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BJP के हुए सुनील जाखड़ः “चिंतन शिविर” के बीच पार्टी छोड़ बढ़ा दी थी कांग्रेस की चिंता, बोले थे- राहुल नहीं ले पा रहे फैसले

सुनील जाखड़ पंजाब में दिग्गज हिंदू छवि वाले नेता के तौर पर जाने जाते हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे के तीन दिन बाद दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा।

Sunil Jhakhad,JP Nadda
भाजपा में शामिल हुए सुनील जाखड़(फोटो सोर्स: ट्विटर/@BJP4India)।

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ पार्टी से इस्तीफा देने के बाद 19 मई को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। गौरतलब है कि राजस्थान के उदयपुर में हुए कांग्रेस के तीन दिवसीय चिंतन शिविर के दौरान सुनील जाखड़ ने फेसबुक लाइव आकर कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के तीन दिन बाद सुनील जाखड़ ने दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा।

इस मौके पर जेपी नड्डा ने उनको भाजपा का पटका पहना कर फूलों का गुलदस्‍ता दिया। नड्डा ने कहा, “मैं सुनील जाखड़ का भारतीय जनता पार्टी में स्वागत करता हूं। वह एक अनुभवी राजनीतिक नेता हैं जिन्होंने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान अपने लिए एक मुकाम बनाया। मुझे विश्वास है कि वह पंजाब में भाजपा को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाएंगे।”

भाजपा में शामिल होने के बाद क्या कहा: सुनील जाखड़ ने कहा, ‘मैं सभी का आभारी हूं कि बीजेपी में शामिल हुआ। यह आसान नहीं है। कांग्रेस से मेरा नाता 50 साल पुराना है। मेरी तीन पीढ़ियां कांग्रेस में रहीं। निजी स्वार्थ के लिए राजनीति को तोड़ने का काम नहीं किया। पंजाब की धरती साधु पीर की धरती है।”

जाखड़ ने कहा कि पंजाब से राष्ट्रीयता की शुरुआत होती है। मुझे इस बात का दोषी बनाया गया कि मैंने सवाल उठाया कि आप पंजाब को किसी भी जाति और धर्म मे नहीं बाट सकते।’

पीएम मोदी की तारीफ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए सुनील जाखड़ ने कहा कि मैं संसद में डेढ़ साल रहा। प्रधानमंत्री मोदी करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन के लिए पंजाब आए थे। तब उनके साथ लंगर छका और बातचीत का मौका मिला। अब उन्होंने लाल किले पर हिंद की चादर श्री गुरू तेग बहादुर जी का 400वां प्रकाश पर्व बनाया।

इससे पहले शनिवार, 14 मई, 2022 को उन्होंने एक फेसबुक लाइव के दौरान अपने इस्तीफे का ऐलान किया था। उन्होंने पार्टी को आगे के लिए शुभकामना संदेश देते हुए “गुडलक” और “गुडबाय” भी कहा था। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया था जब कांग्रेस पार्टी संगठन की हालत को ठीक करने के लिए चिंतन शिविर कर रही थी।

चन्नी की आलोचना की थी: बता दें कि सुनील जाखड़ ने बीते पंजाब विधानसभा चुनाव के बाद पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी के लिए बोझ बताया था। इस आलोचना के बाद पार्टी के अनुशासनात्मक पैनल ने बीते 26 अप्रैल को सुनील जाखड़ को पार्टी से 2 सालों तक के लिए सस्पेंड कर दिया था। यही नहीं इसके अलावा भी उनके पार्टी छोड़ने के पीछे और भी कारण हैं।

राहुल से नाराजगी: दरअसल जाखड़ बीते पंजाब चुनाव में खुद को सीएम पद की दावेदारी की रेस में देख रहे थे। लेकिन पार्टी की दिग्गज नेता अंबिका सोनी के एक बयान से स्थिति बदल गई। दरअसल उन्होंने कहा था कि पंजाब में अगर किसी हिंदू को मुख्यमंत्री बनाया गया तो राज्य में आग लग जाएगी।

राहुल उस समय जाखड़ के साथ नहीं खड़े दिखाई दिए, जब कांग्रेस का एक वर्ग उन्हें मुख्यमंत्री बनने से रोकने में जुटा था। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी कभी भी फैसला नहीं ले पाते। ऐसी परिस्थितियों में जाखड़ ने पार्टी से निकलने का फैसला किया।

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