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वाजपेयी सरकार के समय सेना ने गुप्‍त ऑपरेशन में ढेर कर दिए थे 16 आतंकी, पढ़ें पूरी कहानी

जनवरी और अगस्त 2000 के बीच, भारतीय सुरक्षा बलों ने अखनूर, मेंधर, कोटली, नौशेरा और पल्लानवाला इलाकों में ऐसे ही ऑपरेशन किए थे।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में सीमापार से आए आतंकियों ने भारतीय सेना के स्थानीय मुख्यालय पर हमला कर दिया। 18 सितंबर, 2016 को आतंकवादियों के इस हमले में 9 सैनिकों की जान चली गई। इसपर भारतीय सेना ने दस दिन बाद यानी 29 सितंबर, 2016 को सर्जिकल स्ट्राइक कर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में आतंकियों के लांच पैड तबाह कर दिए। सेना की इस कार्रवाई में 38 आतंकियों और दो पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हो गई। तब कहा गया कि सैनिकों ने पहली बार बॉर्डर पार कर आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। हालांकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में भी भारतीय सेना आतंकियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर चुकी है।

साल 2000 में इंडियन आर्मी ने लगभग सर्जिकल स्ट्राइक की तरह गुप्त ऑपरेशन चलाया, जिसमें पाकिस्तान के 16 सैनिक मारे गए थे। ये गुप्त सैन्य ऑपरेशन भी 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से काफी मिलता झुलता था, जो सीमापार से हमले के जवाब में चलाया गया था। 22 जनवरी, 2000 को जब सेना ने बड़े स्तर पर यह अभियान चलाया तब आर्मी चीफ जरनल वेद प्रकाश मलिक थे। जानकारी के मुताबिक जम्मू-कश्मीर के छांब सेक्टर में किए गए हमले में कम से कम 100 भारतीय सैनिक शामिल थे। सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान 16 सैनिक मार गए। तब FORCE मैगजीन के संपादक प्रवीण साहनी ने इसकी पुष्टि करते इसे सेना का शानदार गुप्त ऑपरेशन बताया था।

रिपोर्ट के अनुसार ऑपरेशन की रणनीति के रूप में भारतीय सैनिकों ने 22 जनवरी, 2000 की आधी रात को पाकिस्तान की एक पोस्ट पर हमला किया। यह हमला एलओसी में चम्मब सेक्टर के इफ्तिखराबाद उप-सेक्टर में तीन दिशाओं से शुरू किया गया था। प्रवीण साहनी ने बताया कि इस ऑपरेशन में घातक प्लाटून के सैनिक शामिल थे। ध्यान देने वाली बात है कि जनवरी और अगस्त 2000 के बीच, भारतीय सुरक्षा बलों ने अखनूर, मेंधर, कोटली, नौशेरा और पल्लानवाला इलाकों में ऐसे ही ऑपरेशन किए।

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