ताज़ा खबर
 

राष्ट्रपति पद छोड़ने के बाद प्रणब मुखर्जी ने दिया पहला इंटरव्यू, की नरेंद्र मोदी की तारीफ

केंद्र में जब यूपीए सरकार थी तब भी प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी की पैरवी की थी इसलिए उन्होंने एनडीए की सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी को बहुत अच्छा बताया।

Author नई दिल्ली | October 13, 2017 12:18 PM
अपने विदाई समारोह में बोलते राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी। (PTI Photo)

भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनके बहुत ही अच्छे रिश्ते हैं। इतना ही नहीं प्रणब मुखर्जी ने मोदी सरकार की जमकर तारीफ भी की। इंडिया टुडे को दिए इंटरव्यू में राजनीति, जीएसटी और नोटबंदी को लेकर प्रणब मुखर्जी ने अपने विचार साझा किए। राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद पहली बार इंटरव्यू दे रहे प्रणब मुखर्जी ने कहा कि पीएम मोदी के साथ मेरे बहुत ही अच्छे संबंध हैं और दो अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों से ताल्लुक रखने के बावजूद दोनों नेता एक दूसरे का काफी सम्मान करते हैं। मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ करते हुए प्रणब मुखर्जी ने कहा कि गठबंधन की सरकार से बहुमत की सरकार ज्यादा अच्छी है।

प्रणब मुखर्जी ने कहा वर्तमान सरकार द्वारा पिछले साल लागू की गई नोटबंदी हो या इस साल लागू किया गया जीएसटी दोनों ही बातचीत के विषय हैं। केंद्र में जब यूपीए सरकार थी तब भी प्रणब मुखर्जी ने जीएसटी की पैरवी की थी इसलिए उन्होंने एनडीए की सरकार द्वारा लागू किए गए जीएसटी को बहुत अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन शुरुआत में थोड़ी दिक्कतों का सामना तो करना पड़ेगा। जीएसटी के अलावा नोटबंदी को लेकर भी प्रणब मुखर्जी मोदी सरकार के साथ खड़े हुए हैं क्योंकि यूपीए की सरकार में नोटबंदी को लेकर भी वे बात करते थे और ऐसे में अब नोटबंदी पर वे सवाल नहीं उठा सकते।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XA1 Dual 32 GB (White)
    ₹ 17895 MRP ₹ 20990 -15%
    ₹1790 Cashback
  • Apple iPhone 6 32 GB Space Grey
    ₹ 25799 MRP ₹ 30700 -16%
    ₹4000 Cashback

इसके अलावा प्रणब मुखर्जी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अच्छे रिश्ते होने की बात भी कही। 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियों ने कमर कस ली है। चुनावों को ध्यान में रखते हुए प्रणब मुखर्जी ने इंटरव्यू के दौरान कहा कि मीडिया को बार-बार कांग्रेस पर लिखने से बचना चाहिए। इसके साथ ही मुखर्जी ने इस बात से भी इनकार किया कि मनमोहन सिंह सोनिया गांधी के कहने से चलते थे और सभी निर्णय सोनिया गांधी लेती थीं।

देखिए वीडियो

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App