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Satyapal Malik on Agnipath scheme: अग्निपथ पर पूर्व राज्यपाल की मोदी सरकार को चेतावनी, बोले- तुरंत वापस लो स्कीम, ये देश के लिए बड़ा खतरा

Satyapal Malik on Agnipath scheme: सत्यपाल मलिक ने कहा कि अग्निपथ योजना देश के लिए बेहद खतरनाक है।

Satyapal Malik on Agnipath scheme: अग्निपथ पर पूर्व राज्यपाल की मोदी सरकार को चेतावनी, बोले- तुरंत वापस लो स्कीम, ये देश के लिए बड़ा खतरा
Satyapal Malik on Agnipath scheme: मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक। (फोटो सोर्स: एक्सप्रेस)

Satyapal Malik on Agnipath scheme: मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने गुरुवार (17 नवंबर, 2022) को एक बार फिर केंद्र सरकार से रक्षा बलों में संविदा नियुक्ति तुरंत वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि ‘अग्निपथ’ योजना देश के लिए ‘बेहद खतरनाक’ है।

जयपुर में मीडिया से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को नहीं पता है कि वे देश को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं। अग्निपथ एक बहुत ही खतरनाक योजना है। उन्होंने कहा, “केंद्र को इसे तुरंत वापस लेना चाहिए और पेंशन जैसी सुविधाओं के साथ पूर्णकालिक नौकरी योजना वापस लानी चाहिए।”

सत्यपाल मलिक ने भारतीय जनता पार्टी के ‘गुजरात मॉडल’ पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल कुछ भी नहीं है। इसमें समान गरीबी है। मलिक ने कहा कि गुजरात में कोई स्वर्ग नहीं है। किसान पीड़ित हैं। बेरोजगारी है और चिकित्सा सुविधा नहीं है। स्कूल भी ठीक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर किसानों से किए अपने वादे पर कायम रहना चाहिए। मलिक ने चेतावनी दी कि अगर एमएसपी लागू नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू हो जाएगा।

बता दें, इससे पहले हरियाणा के रेवाड़ी में मंगलवार (16 नवंबर, 2022) को सत्यपाल मलिक ने गुजरात और हिमाचल चुनाव को लेकर भविष्यवाणी की थी। सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने कहा था कि यह सब मीडिया का खेल है, कोई मोदी-मोदी नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव हो रहे हैं, वहां बीजेपी की सीटें घटेंगी। लोकसभा में भारतीय जनता पार्टी का पता ही नहीं चलेगा। मलिक यहीं नहीं रुके थे। इसके बाद उन्होंने दावा था किया कि भारतीय जनता पार्टी बंगाल, केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान में भी चुनाव हारेगी।

केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर होते हुए मलिक ने था कि कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में गेहूं के दाम बढ़ेंगे। इससे पहले ही अडाणी के पानीपत में गोदाम बनवा दिए गए। किसानों की फसलों का सही दाम नहीं मिला। जब आंदोलन खत्म हुआ तो कुछ मुख्य मांगे थी। केन्द्र सरकार ने तीनों कृषि कानून तो वापस ले लिए, लेकिन उस वक्त किया वादा पूरा नहीं किया। इस दौरान उन्होंने कहा था कि गवर्नर रहते दबाव तो उन पर भी बहुत आया, लेकिन उस दबाव को उन्होंने नहीं माना।

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First published on: 17-11-2022 at 08:08:16 pm
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