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2018 में होने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ा फायदा? 46 साल तक कांग्रेसी रहे कृष्णा ने थामा भाजपा का हाथ

कृष्णा का बीजेपी में शामिल होना साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के नजरिए से बड़ा कदम माना जा रहा है। कर्नाटक पहला दक्षिण भारतीय राज्य है जहां भाजपा ने सरकार बनायी थी लेकिन राज्य में भाजपा को सत्ता दिलाने वाले बीएस येदियुरप्पा के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा सत्ता से बाहर हो गयी।
Author नई दिल्ली | March 22, 2017 18:51 pm
एस एम कृष्णा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बीजेपी ज्वाइन की। (ANI Photo)

पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे एसएम कृष्णा ने बुधवार (22 मार्च ) को भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। बीजेपी के राष्ट्रीय अमित शाह की उपस्थिति में कृष्णा ने बीजेपी ज्वाइन किया। इस मौके पर शाह के अलावा बीजेपी के कुछ बड़े नेता भी मौजूद रहे। बीजेपी में शामिल होने के दौरान 84 साल के कृष्णा ने मोदी और शाह की तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने शाह और पीएम मोदी के नेतृत्व के कारण प्रगति की। 46 साल तक कांग्रेस में रहने एस एम कृष्णा ने इस साल जनवरी में कांग्रेस पार्टी में सभी पदों और सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद से उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे थे। मंगलवार को इस बात की पुष्टि हो गई थी कि वो बीजेपी में बुधवार को शामिल होंगे। कृष्णा के बीजेपी में आने से कांग्रेस को तगड़ा झटका लग सकता है। कृष्णा कर्नाटक के दिग्गज नेताओं में शुमार किए जाते हैं। उनके बीजेपी में शामिल होना पार्टी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

कृष्णा का बीजेपी में शामिल होना साल 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के नजरिए से बड़ा कदम माना जा रहा है। कर्नाटक पहला दक्षिण भारतीय राज्य है जहां भाजपा ने सरकार बनायी थी लेकिन राज्य में भाजपा को सत्ता दिलाने वाले बीएस येदियुरप्पा के पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा सत्ता से बाहर हो गयी। इस बार के चुनाव में बीजेपी की पूरी कोशिश होगी कि वह फिर से सत्ता पर काबिज हो जाए। इस स्थिति में कृष्णा के बीजेपी में शामिल होने से पार्टी को और मजबूती मिलेगी। बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा पहले ही कृष्णा को बीजेपी में शामिल होने का न्योता दिया था।

एसएम कृष्णा कर्नाटक के मण्ड्या जिले से ताल्लुक रखते और राज्य के दिग्गज नेताओं में गिने जाते हैं। कृष्णा कांग्रेस में राजनीतिक तौर पर काफी प्रभावी माने जाने वाले वोक्कालिगा समुदाय के प्रमुख नेताओं में रहे हैं। एसएम कृष्णा इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह सरकार का हिस्सा रहे हैं। माना जा रहा था कि साल 1999 से 2004 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे कृष्णा पार्टी में दरकिनार किये जाने से निराश चल रहे थे। महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे कृष्णा 2012 में केंद्र से फिर राज्य की राजनीति में लौट गये थे लेकिन पिछले दो साल से पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे। विदेश मंत्री पद से हटाए जाने के बाद कृष्णा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दारमैया सहित राज्य के कांग्रेस नेताओं पर उन्हें नजरअदांज करने का आरोप लगाया था।

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