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निर्मला सीतारमण मुझे पसंद नहीं करती थीं, मंत्रालय से हटवा दिया- पूर्व वित्त सचिव का आरोप

पूर्व वित्त सचिव गर्ग ने लिखा कि उन्हें मुझ पर विश्वास नहीं था और ना ही वह मेरे साथ काम करने में सहज थीं। आरबीआई सरप्लस और नॉन बैकिंग की समस्याओं आदि अनेक मुद्दों पर उनके बीच मतभेद थे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मौजूद पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग। (फाइल फोटो)

देश के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने आरोप लगाया है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उन्हें पसंद नहीं करती थीं, जिसके चलते उनके वित्त मंत्रालय से ट्रांसफर किया गया। बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट आने के तीन हफ्तों बाद ही सुभाष चंद्र गर्ग को वित्त मंत्रालय से हटाकर ऊर्जा मंत्रालय के अन्तर्गत आने वाले विभाग में भेज दिया गया था।

बता दें कि वित्त मंत्रालय से हटाए जाने के कुछ दिन बाद ही सुभाष चंद्र गर्ग ने स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लिया था। सुभाष चंद्र गर्ग ने अपने एक ब्लॉग में यह खुलासा किया है। हालांकि अभी तक वित्त मंत्रालय या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की तरफ से इस मामले में कोई बयान नहीं आया है। गर्ग ने लिखा कि “उनके सीतारमण के साथ अच्छे प्रोफेशनल संबंध नहीं थे। गर्ग ने बताया कि निर्मला सीतारमण ने पहले से ही मेरे बारे में कुछ पूर्वकल्पित धारणाएं बना ली थीं।”

पूर्व वित्त सचिव गर्ग ने लिखा कि उन्हें मुझ पर विश्वास नहीं था और ना ही वह मेरे साथ काम करने में सहज थीं। आरबीआई सरप्लस और नॉन बैकिंग की समस्याओं आदि अनेक मुद्दों पर उनके बीच मतभेद थे।

गर्ग के अनुसार, निर्मला सीतारमण चाहती थीं कि 5 जुलाई 2019 को आने वाले से पहले यानि कि जून में ही मेरा ट्रांसफर कर दिया जाए लेकिन सरकार ने तुरंत उनकी बात नहीं मानी और 24 जुलाई 2019 में मेरा ट्रांसफर ऊर्जा विभाग के सचिव पद पर किया गया। सरकार की तरफ से यह आदेश मिलने के आधे घंटे बाद ही सुभाष चंद्र गर्ग ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन कर दिया। 31 अक्टूबर 2019 को नियमानुसार नोटिस पीरियड तक सेवा देने के बाद बीती साल इसी तारीख को सुभाष चंद्र गर्ग सेवानिवृत्त हो गए थे।

अपने ब्लॉग में सुभाष चंद्र गर्ग ने पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली की काफी तारीफ की और उन्हें अर्थव्यवस्था की गहरी समझ वाला इंसान बताया। निर्मला सीतारमण के बारे में बताते हुए सुभाष चंद्र गर्ग ने लिखा कि निर्मला सीतारमण एक बिल्कुल अलग व्यक्तित्व हैं, उनका ज्ञान कौशल, आर्थिक मामलों की समझ और उनके साथ काम करने वाले अधिकारियों के लिए उनकी सोच पहले से तय होती है।

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