मनीष गुप्ता मौत मामले पर पूर्व DGP बोले- बर्खास्त किए जाएं पुलिस वाले, BJP प्रवक्ता ने कहा- सीधे सस्पेंड करो तो कोर्ट से मिल जाती है राहत

टीवी डिबेट में गोरखपुर में हुई घटना को लेकर भाजपा प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि इस मामले में भी दोषियों की बर्खास्तगी होगी और जेल भी जाएंगे। अपराधियों की तरह इनका भी कोर्ट में ट्रायल होगा।

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित के परिजनों से मुलाकात की और मृतक मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया।

गोरखपुर में पुलिसिया पिटाई की वजह से कानपुर के व्यापारी मनीष गुप्ता की हुई मौत के बाद चौतरफा आलोचनाओं से घिरी योगी सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही इसके लिए दो कमेटी भी बनाई गई है। जो गोरखपुर मामले की जांच करने के साथ ही राज्यभर के दागी पुलिसकर्मियों की भी जांच करेगी। गोरखपुर मामले से ही जुड़े एक टीवी डिबेट के दौरान जब पूर्व डीजीपी ने कहा कि दोषी पुलिसकर्मियों को सीधे बर्खास्त किया जाना चाहिए तो बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि अगर सीधे सस्पेंड किया जाता है तो इन्हें कोर्ट से राहत मिल जाती है।

दरअसल आजतक न्यूज चैनल पर आयोजित टीवी डिबेट के दौरान एंकर चित्रा त्रिपाठी के सवाल पर उत्तरप्रदेश पुलिस के पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने कहा कि सबसे पहले हत्या का अपराध पंजीकृत होना चाहिए, निलंबन और बर्खास्तगी भी होनी चाहिए। इनपर रासुका भी लगाना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि ये शर्म की इमारत एक दिन में नहीं बनी है। इसको बनाने में दसियों साल लगे हैं। जब हमने इस तरह के उद्दंड तत्वों का मनोबल बढ़ाया। जहां जीरो टोलेरेंस होनी थी वहां हमने ये संदेश दिया कि तुम कुछ भी करके आओ, तुम्हारा कुछ नहीं होगा। उसके बाद ही इस प्रकार की घटनाएं घटित होती हैं।           

पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह द्वारा दोषी पुलिसकर्मियों की बर्खास्तगी की मांग को लेकर डिबेट में ही मौजूद रहे भाजपा प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि हम जानते हैं कि बहुत से प्रकरणों में अगर आप सीधे बर्खास्त करते हैं तो यही लोग सीधे कोर्ट जाते हैं और उन्हें किस तरह की राहत मिलती है। आगे उन्होंने कहा कि यह उत्तरप्रदेश की पहली सरकार जिन्होंने 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की है और 500 से ज्यादा लोग बर्खास्त किए गए हैं। साथ ही सभी विभागों में दागी लोगों पर कार्रवाई की गई है।

आगे उन्होंने कहा कि इस मामले में भी कार्रवाई होगी। इस मामले में भी बर्खास्तगी होगी और दोषी जेल भी जाएंगे। अपराधियों की तरह इनका भी कोर्ट में ट्रायल होगा। हमारा प्रयास होगा कि हत्या के मामले में जो जघन्य सजा होती है वो इन्हें दिलाया जाए। इनके साथ कोई भी नरमी नहीं होगी। इन्होनें जो किया है वो दुर्भाग्यपूर्ण है और हम छह पुलिसवालों की करनी को लेकर योगी आदित्यनाथ के अच्छे कामों पर कोई आंच नहीं आने देंगे।

ज्ञात हो कि बीते मंगलवार को कानपुर के 38 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत गोरखपुर में एक होटल में हो गई थी। मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ गोरखपुर के एक होटल में रुके हुए थे। होटल में चेकिंग के लिए पहुंचे पुलिसकर्मियों ने जब देर रात मनीष और उसके साथियों को उठाकर उनकी तलाशी ली तो मनीष ने आपत्ति जताई। जिसपर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद मनीष को गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई।

गोरखपुर में हुई यह घटना सामने आने के बाद उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने मामले के जांच के आदेश दे दिए। साथ ही गुरुवार को योगी आदित्यनाथ ने पीड़ित के परिजनों से मुलाकात की और मृतक की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया। साथ ही 10 लाख रुपए से ज्यादा की राहत राशि देने की भी बात कही। 

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