दिल्ली की एंटी-करप्शन ब्रांच (ACB) ने मंगलवार को सत्येंद्र जैन को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा कि आप सरकार के दौरान दिल्ली जल बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी की गई है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक बताया जा रहा कि आप सरकार के दौरान दिल्ली जल बोर्ड में कथित भ्रष्टाचार के मामले में उनकी गिरफ्तारी की गई है। उनके साथ 5 अन्य गिरफ्तारी भी की गई है। आप नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा को घेरा और कहा कि भाजपा के इशारे पर सत्येन्द्र जैन को फिर से गिरफ्तार किया गया है। साथ ही उन्होंने मामले को फर्जी बताया।
सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ समेत 6 गिरफ्तार
STP प्रोजेक्ट्स के टेंडर मामले में सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के पूर्व CEO समेत कुल छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है। एक अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि ACB ने DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट प्रोजेक्ट्स के टेंडर प्रोसेस से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।
ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली जल बोर्ड के चार बड़े प्रोजेक्ट्स में कथित तौर पर ₹1.943 करोड़ के मल्टी-टेंडर घोटाले की जांच के सिलसिले में 2024 में दर्ज FIR के आधार पर AAP नेता सत्येंद्र जैन को 5 अन्य लोगों के साथ गिफ्तार किया गया। इन पांच लोगों में सरकारी अधिकारी, एक कंसल्टेंट और प्राइवेट बिजनेस के मालिक का नाम भी शामिल हैं।
इनमें दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन और दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO उदित प्रकाश राय (IAS) शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपियों में DJB के पूर्व कॉन्ट्रैक्टुअल कंसल्टेंट अंकित श्रीवास्तव और प्राइवेट व्यक्ति नागेंद्र यादव, राजा कुमार कुर्रा और पंकज वर्मा शामिल हैं।
2024 में दर्ज हुआ था मामला
यह मामला 11 मई, 2024 को डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस की शिकायत पर दर्ज किया गया था। यह शिकायत DJB के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स को बढ़ाने और अपग्रेड करने से जुड़े टेंडर प्रोसेस में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, टेंडर की शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश के बारे में थी।
जानबूझकर एक प्राइवेट कंपनी के लिए बनाई गईं थी शर्तें
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया कि टेंडर की तकनीकी शर्तें इस तरह तैयार की गई थीं कि उनसे एक खास टेक्नोलॉजी और एक प्राइवेट कंपनी, M/s Euroteck Environment Pvt. Ltd. को फायदा हो, और साथ ही दूसरी कंपनियों से होने वाली प्रतिस्पर्धा को सीमित किया जा सके।
ACB के अनुसार, प्रस्तावित पायलट स्टडी भी नहीं की गई, लेकिन टेंडर में खास टेक्नोलॉजी/मीडिया के इस्तेमाल से जुड़ी पाबंदियां शामिल की गईं। जांच में यह भी पता चला कि ट्रीटेड एफ्लुएंट (साफ किए गए अपशिष्ट जल) से जुड़े जरूरी पैरामीटर टेंडर से हटा दिए गए थे और टेक्निकल स्पेसिफिकेशन में बदलाव किए गए थे, जिससे सरकारी खजाने पर भारी आर्थिक बोझ पड़ने का आरोप है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, प्राइवेट लोगों, कुछ सरकारी अधिकारियों और बिचौलियों के बीच लगातार बातचीत हो रही थी। इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के जांच से टेंडर की शर्तों, सुधारों/संशोधनों और अन्य दस्तावेजों के लेन-देन के बारे में जानकारी मिली।
प्राइवेट कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच मिलीभगत
ACB ने आगे दावा किया कि ये दस्तावेज और बातचीत प्राइवेट कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत बताते हैं, जिसके जरिए एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर को फायदा पहुंचाने के लिए टेंडर की शर्तों में हेरफेर की गई थी।
यह भी पढ़ें: दिल्ली जल बोर्ड स्कैम: ईडी ने पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की
दिल्ली जल बोर्ड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सत्येंद्र जैन और 13 अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। यह आरोप पत्र दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से संबंधित चार निविदाओं के पुरस्कार से जुड़े एक कथित भ्रष्टाचार मामले के संबंध में 17.70 करोड़ रुपये से जुड़ा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
