ताज़ा खबर
 

प्रियंका गांधी का सलाहकार बनने से पूर्व कांग्रेसी MP ने किया मना, बोले- उन्हें सुझाव देने की मेरी हैसियत नहीं

पूर्व सांसद ने कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों में आत्ममंथन की सलाह दी ताकि पार्टी की स्थिति दुरुस्त हो सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों के मद्देनजर जो करना चाहिए, वह नहीं कर पा रही है।

Author नई दिल्ली | Published on: October 10, 2019 10:43 PM
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी। (फाइल फोटो)

कांग्रेस के एक पूर्व सांसद ने पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी का सलाहकार बनने से इंकार कर दिया है। सांसद का कहना है कि प्रियंका गांधी को सुझाव देने की उनकी हैसियत नहीं है। बता दें कि यह पूर्व कांग्रेसी सांसद राजेश मिश्रा हैं, जिन्होंने मौजूदा राजनैतिक परिवेश में पार्टी के अंदर आत्ममंथन की सलाह दी है। राजेश मिश्रा उत्तर प्रदेश के वाराणसी से कांग्रेस के सांसद रहे हैं तथा लोकसभा के विगत चुनाव में सलेमपुर सीट से चुनाव लड़े थे, लेकिन इस चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।

गुरुवार को संवाददाताओं से बातचीत में राजेश मिश्रा ने कहा कि उन्होंने अपने फैसले से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के कार्यालय को अवगत करा दिया है। उन्होंने लखनऊ कैंट सीट के प्रभारी के कार्य निर्वहन से भी मना कर दिया है। सलाहकार का पद निर्वाह न करने को लेकर पूछे जाने पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह प्रियंका को सलाह देने की स्थिति में नही हैं। उनको जो समझ में आया, उसके अनुसार उन्होंने यह कदम उठाया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की नवगठित कार्यकारिणी से खिन्न होकर उन्होंने यह कदम उठाया है, मिश्रा ने कहा कि बहुत सी चीजें गलत हैं, लेकिन यह दल का अंदरूनी मामला है। अगर पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी या महासचिव प्रियंका गांधी उन्हें बुलाकर बात करेंगे तब वह उनके सामने सारी बातें रखेंगे।

पूर्व सांसद ने कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों में आत्ममंथन की सलाह दी ताकि पार्टी की स्थिति दुरुस्त हो सके। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश के मौजूदा राजनैतिक परिस्थितियों के मद्देनजर जो करना चाहिए, वह नहीं कर पा रही है। कांग्रेस को मौजूदा हालात से उबारने के लिये मेहनत की जानी चाहिए तथा पार्टी के लोगों का मनोबल बढ़ाने वाला कदम उठाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को जमीनी, निष्ठावान, मेहनती तथा विशुद्ध कांग्रेसी लोगों को आगे बढ़ाना चाहिये। पार्टी की अनुशासन समिति, दल के वरिष्ठ नेताओं तथा दल के राज्य प्रभारियों को पार्टी नेताओं की अनावश्यक बयानबाजी का संज्ञान लेकर स्थिति को सामान्य करने के लिये कदम उठाना चाहिए। मालूम हो कि राजेश मिश्रा को उत्तर प्रदेश कांग्रेस की नवगठित इकाई में सलाहकार परिषद का सदस्य बनाया गया था। इस परिषद को पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को दल के विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं को लेकर सलाह देनी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 PMC Scam में ED का बड़ा ऐक्शन, HDIL प्रमोटर का 5 करोड़ का बंगला जब्त
2 Indian Railways: अब 150 ट्रेनों, 50 स्टेशनों के निजीकरण पर नरेंद्र मोदी सरकार तैयार, बनाएगी टास्क फोर्स
3 सरकारी बंगला खाली करने से पहले पप्पू यादव ने उखाड़ी खिड़कियां, दरवाजे व टाइल्स!