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सुप्रीम कोर्ट जजों के खिलाफ छेड़ी थी जंग, जस्टिस कर्णन ने अब बनाई पार्टी, मोदी के खिलाफ उतारेंगे महिला प्रत्याशी

जस्टिस कर्णन ने बताया कि अगर उनकी पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव जीतती है तो सबसे पहले किसी मुस्लिम महिला को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।

जस्टिस सीएस कर्णन को सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने की सजा सुनाई थी। (Express Photo)

कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस (रिटायर्ड) सी एस कर्णन ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च करने की घोषणा की है। बुधवार (16 मई) को कोलकाता में आयोजित एक सेमीनार को संबोधित करते हुए जस्टिस कर्णन ने इसकी घोषणा की। वो दलितों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गैर कानूनी तरीके से हिरासत में लेने से जुड़े विषय पर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी एंटी करप्शन डायनमिक पार्टी 2019 के लोकसभा चुनावों के लिए सभी 543 सीटों पर महिला उम्मीदवार खड़ा करेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी में रजिस्ट्रेशन के लिए जल्द ही आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जस्टिस कर्णन ने कहा कि पार्टी ने उन्हें संस्थापक अध्यक्ष बनाया है।

जस्टिस कर्णन ने बताया कि उनकी पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी प्रत्याशी उतारेगी। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी में कुछ लोगों की राय थी कि पीएम मोदी के खिलाफ किसी पुरुष प्रत्याशी को खड़ा किया जाए लेकिन उनकी राय है कि वहां भी किसी दमदार महिला को ही प्रत्याशी बनाया जाय। उन्होंने महिलाओं को ही टिकट देने के बारे में कहा कि ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि महिलाओं को राजनीति में प्राथमिकता नहीं दी जाती है। जस्टिस कर्णन के मुताबिक अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो हर साल नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाएगा।

जस्टिस कर्णन ने बताया कि अगर उनकी पार्टी 2019 लोकसभा चुनाव जीतती है तो सबसे पहले किसी मुस्लिम महिला को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। इसके अगले साल उच्च जाति की महिला को और उसके अगले साल यानि 2021 में पिछड़ी जाति की महिला को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह पांच साल में पांच अलग-अलग जाति और धर्म की महिलाओं को पीएम बनाया जाएगा। बता दें कि जस्टिस कर्णन पिछले ही साल दिसंबर में जेल से छूटे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और अन्य जजों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे और इसकी जांच के लिए सीबीआई को निर्देश भी दिए थे। सुप्रीम कोर्ट की 7 जजों की बेंच ने इसे अवमानना मानते हुए जस्टिस कर्णन को छह महीने की जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद पिछले साल 20 जून को उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था।

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