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ID कार्ड नहीं था तो पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को नहीं डालने दिया वोट, आधार कार्ड को IIC ने नहीं माना

IIC में होने वाले चुनाव में खुद पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त ही वोट नहीं डाल पाए। उनसे कहा गया कि आपके पास वैलिड आई कार्ट नहीं है। अधिकारी उनके किसी भी तर्क को सुनने को तैयार नहीं हुए।

sy quraishi, ex cecतस्वीर आइडिया एक्सचेंज कार्यक्रम के दौरान की है। फोटो क्रेडिट- रेणुका पुरी, एक्सप्रेस

चुनाव आयोग के पूर्व मुख्य आयुक्त को भी वोट डालने से रोक दिया जाएगा, ऐसा शायद ही किसी ने सोचा हो लेकिन रविवार को ऐसा ही हुआ जब वह IIC के कुछ पदों के लिए होने वाली वोटिंग में हिस्सा लेने पहुंचे। इंडिया इंटरनैशनल सेंटर (IIC) में होने वाले चुनाव में पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी को ही वोट डालने से रोक दिया गया। उनसे कहा गया कि आपके पास स्मार्ट आइडेंटिटी कार्ड नहीं है इसलिए अपना वोट नहीं डाल सकते। उन्होंने दूसरे पहचान पत्र दिखाकर अधिकारियों को मनाने की कोशिश की लेकिन उनसे यही कहा गया कि बिना एलीट क्लब की तरफ से जारी स्मार्ट आईडी कार्ड के वोट नहीं डाला जा सकता है।

इस मामले में जब आईआईसी के सेक्रटरी कानवाल वाली से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, ‘सभी सदस्यों को वोट डालने के लिए दो विकल्प दिए गए हैं। वे या तो इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वोट डाल सकते हैं या फिर खुद आकर अपना वोट दे सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग 10 से 14 मार्च के बीच पूरी हो चुकी है। जिन लोगों ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वोट नहीं डाला है उनकी एक लिस्ट निकाली गई और कहा गया कि आप खुद आकर 21 मार्च को वोट दे सकते हैं। कुरैशी को भी मेल भेजा गया था।’

उन्होंने कहा, ‘जब वह अपना वोट डालने आए तो न तो उनके पास स्मार्ट कार्ड था और न ही पुराना मेंबरशिप का कार्ड ही था। इसे भी आई कार्ट के रूप में स्वीकार कर लिया जाता।’ वाली ने कहा, ‘रिटर्निंग ऑफिसर ने उनसे पुराना सदस्यता कार्ड मांगा और कहा कि इसके बिना आप वोट नहीं दे सकते। इसके बाद कुरैशी ने मान लिया कि नियमों का पालन किया जाना चाहिए।’ बता दें कि रविवार को IIC ने एक ट्रस्टी और एग्जिक्यूटिव कमिटी के दो सदस्यों के चयन के लिए चुनाव करवाए थे।

ट्विटर हैंडल पर कुरैशी ने एक पोस्ट को रीट्वीट किया जिसमें कहा गया था कि उन्होंने IIC के स्मार्ट कार्ड के लिए अप्लाइ किया था लेकिन इसके बदले उन्हें कोई रसीद नहीं दी गई थी। कुरैश ने यह भी कहा कि यहां तक कि चुनाव आयोग भी अपनी लिस्ट में 13 तरह के पहचान पत्र को मान्यता देते हैं लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। कुरैशी ने कहा, ‘शायद आईआईसी चुनाव आयोग से भी ज्यादा कड़ाई से चुनाव करवाता हो।’

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