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‏बढ़ती कीमतों पर बीजेपी के पूर्व नेता का आह्वान- सड़कों पर क्यों नहीं उतरते, किस बात का इंतजार है?

सरकार की आर्थिक नीतियों के धुर विरोधी रहे यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, "पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ये कीमतें रोजाना नई ऊंचाई छू रही हैं, विपक्षी पार्टियां सड़कों पर क्यों नहीं उतर रही हैं, उन्हें किस बात का इंतजार है।"

पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा।

देश में पेट्रोल डीजल की बढ़ती कीमतों पर केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर चौतरफा हमला हो रहा है। पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के नेता रहे यशवंत सिन्हा ने विपक्षी दलों से सवाल किया है कि आखिर वे सड़क पर क्यों नहीं उतर रहे हैं। सरकार की आर्थिक नीतियों के धुर विरोधी रहे यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर कहा, “पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, ये कीमतें रोजाना नई ऊंचाई छू रही हैं, विपक्षी पार्टियां सड़कों पर क्यों नहीं उतर रही हैं, उन्हें किस बात का इंतजार है।” यशवंत सिन्हा मोदी सरकार पर लगातार आर्थिक मोर्चे पर फेल रहने का आरोप लगाते रहे हैं। इससे पहले 31 अगस्त को यशवंत सन्हा ने ट्वीट कर कहा था कि इस देश में सबकुछ ऊपर जा रहा है। उन्होंने ट्वीट किया था, “फैंटास्टिक…सब कुठ ऊपर जा रहा है। जीडीपी, रुपया के मुकाबले में डॉलर, बैंक एनपीए, पेट्रोल और डीजल की कीमतें।”  कुछ महीने पहले बीजेपी से इस्तीफा देने वाले यशवंत सिन्हा नरेंद्र मोदी सरकार के कट्टर आलोचक बन गये हैं।

लगातार 10वें दिन बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम: बता दें कि यशवंत सिन्हा की ये टिप्पणियां देश भर में पहले से अभूतपूर्व स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतों के होने के बावजूद मंगलवार को लगातार 10वें दिन इनकी कीमतें बढ़ने के बाद आई हैं। मंगलवार (4 सितंबर) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 16 पैसे बढ़कर 79.31 रुपये पर पहुंच गई, जबकि डीजल की कीमत 19 पैसे बढ़कर 71.34 रुपए पहुंच गई। 3 सितंबर को पेट्रोल 79.15 रुपये प्रति लीटर कीमत पर बिका, जबकि रविवार को इसे 78.84 रुपये प्रति लीटर बेचा गया था। पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार छलांग रही है तो रुपया रोज नीचे जा रहा है। 4 सिंतबर को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड नए स्तर तक लुढ़क गया। वैश्विक संकेतकों और व्यापार युद्ध को लेकर तनाव बढ़ने के बीच मंगलवार को एक डॉलर 71.37 रुपये का हो गया है।
मंगलवार को रुपया 71.24 प्रति डॉलर पर खुला जबकि सोमवार को यह 71.21 प्रति डॉलर पर था। विश्लषेकों के मुताबिक, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतों और विदेशी पूंजी के बहिर्भाव की वजह से रुपये पर दबाव बढ़ा है।

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