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बीजेपी सांसद को पूर्व अटॉर्नी जनरल का जवाब- आरोप लगाना, सनसनी फैलाना उनकी पुरानी फितरत

रोहतगी ने कहा कि हां, साल 2012 में इनमें से कुछ लोगों को जमानत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी।

पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी। (File Photo)

पूर्व अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी पर अपनी भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा है कि झूठे और मनगढ़ंत आरोप लगाना सुब्रमण्यम स्वामी की आदत है। बता दें कि रोहतगी ने स्वामी के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें स्वामी ने कहा था कि 2जी घोटालों के फैसले पर मुकुल रोहतगी ने खुशी जाहिर की है क्योंकि वो पहले 2जी घोटालों में आरोपियों के पैरवीकार थे। इस पर रोहतगी ने कहा कि हां, साल 2012 में इनमें से कुछ लोगों को जमानत दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पैरवी की थी लेकिन जब वो अटॉर्नी जनरल बन गए तब उन्होंने इस केस से अपने को अलग कर लिया था। रोहतगी ने कहा कि स्वामी द्वारा किसी पर भी व्यक्तिगत आरोप लगाना बेमतलब है।

बता दें कि बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने 2जी घोटाले में आए फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीबीआई को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा है कि सीबीआई के अधिकारियों ने ईमानदार तरीके से इस केस में काम नहीं किया। उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों पर भी केस में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। फैसला आने के बाद मीडिया से बात करते हुए स्वामी ने कहा कि वो इस फैसले से निराश हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इसके खिलाफ हाईकोर्ट जाना चाहिए।

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स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के कई ईमानदार अधिकारियों को प्रताड़ित भी किया गया है। उन्होंने कहा कि राजेश सिंह को तीन-तीन बार ईडी से निकाला गया लेकिन उनका केस लड़कर उन्होंने सिंह को बहाल करवाया। स्वामी ने कहा कि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि वो इस मामले में प्रधानमंत्री को व्यक्तिगत स्तर पर पत्र लिखेंगे।

बता दें कि दिल्ली की सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार (21 दिसंबर) को 1.76 लाख करोड़ रुपये के 2जी घोटाले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार के समय स्‍पेक्‍ट्रम आवंटन में 1.76 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान होने की बात तत्कालीन सीएजी विनोद राय ने उठाई थी। तब विपक्ष ने इसे घोटाला कहा था। इसमें पूर्व दूरसंचार मंत्री ए. राजा और द्रमुक सांसद कनीमोई के अलावा अन्‍य को भी आरोपी बनाया गया था। आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मामला दर्ज किया था। सीबीआई की चार्जशीट पर विशेष अदालत ने वर्ष 2011 में मामले के 17 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे।

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