अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद कश्मीर घाटी में कई जगहों पर जश्न मनाया गया। जश्न मना रहे लोंगो ने सीजफायर को ‘ईरान की जीत’ करार दिया। न्यूज एजेंसी भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, कश्मीर घाटी में घाटी के विशेष रूप से शिया बहुल क्षेत्रों में सैकड़ों लोग युद्धविराम का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर जमा हुए।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की घोषणा के बाद कश्मीर के विभिन्न स्थानों पर जश्न मनाया जा रहा है, और लोगों ने इसे ईरान की “जीत” करार दिया है।
श्रीनगर शहर के सैदाकदल और जदीबल क्षेत्रों के साथ ही घाटी के बडगाम, बारामूला, गांदरबल, पुलवामा और बांदीपोरा जिलों में भी जश्न का माहौल बन गया है। ईरानी झंडे लहराते हुए लोगों ने युद्धविराम की घोषणा पर खुशी जताई और पटाखे फोड़कर जश्न मनाया।
जश्न के हिस्से के रूप में कश्मीरी कहवा भी बांटा गया
इस दौरान जश्न के हिस्से के रूप में कश्मीरी कहवा भी बांटा गया। इस युद्धविराम को लोगों ने अमेरिका और इजरायल पर ईरान की “जीत” बताया। बडगाम में शिया समुदाय के एक सदस्य ने कहा, “यह युद्धविराम ईरान के लिए एक जीत है। उन्होंने अमेरिका और इजरायल को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया। आज हम इस जीत का जश्न मना रहे हैं।”
इससे पहले, ईरान के साथ एकजुटता प्रकट करने के लिए कश्मीर में बड़े पैमाने पर धन जुटाने के कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। जिसमें लोगों ने ईरान के लोगों की मदद के लिए पैसे और अन्य कीमती सामान दान किए थे। कश्मीर और ईरान के बीच गहरे सांस्कृतिक, भाषाई और धार्मिक संबंध हैं जिसके कारण कश्मीर को अक्सर ‘ईरान-ए-सगीर’ (छोटा ईरान) कहा जाता है।
महबूबा मुफ्ती बोलीं- यह खुशी का दिन
जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने सीजफायर पर कहा कि यह मुस्लिमों के लिए एक मुबारक दिन है। एक महीने से भी ज्यादा समय से मुस्लिम समुदाय मुश्किल में था। ईरान पर भारी दबाव था और वह तकलीफ झेल रहा था। अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर एक जबरदस्त हमला किया, जिसके नतीजे में हजारों लोग शहीद हो गए।
उन्होंने कहा कि वे खुश हैं कि अल्लाह ने ईरान को इतनी हिम्मत और हौसला दिया कि वे अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने मजबूती से खड़ा रहा। उन्होंने इजरायल को भी घुटने टेकने के लिए मजबूर कर दिया। अमेरिका को भी बातचीत की टेबल पर आने के लिए मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि सीजफायर में पाकिस्तान की भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। (इनपुट – ANI / भाषा)
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मंगलवार को जब डोनाल्ड ट्रंप ने दो सप्ताह के युद्धविराम की घोषणा की तो तेहरान ने इसे अपनी जीत बताया। ईरान ने कहा कि उसने अमेरिका को अपने ’10 शर्तों’ को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया। इन शर्तों में Strait of Hormuz पर तेहरान का नियंत्रण और यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को स्वीकार करने जैसी कई शर्तें शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
