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JNU के 52 सालों में पहली बार, टीचर्स-स्टाफ को वक्त पर तनख्वाह न दे पाया विवि

बिक्रमादित्य चौधरी ने कहा कि शिक्षकों और बच्चों के लिए कॉन्फ्रेंस और सेमिनार में जाने के लिए पैसे नहीं है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास एग्जामिनर बुलाने के लिए भी पैसे नहीं हैं।

vice-chancellor,JNU,JNUTAजेएनयू के शिक्षक संघ ने कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग की है ( सोर्स – एक्सप्रेस आर्काइव फोटो)

सोमवार एक मार्च से जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी दोबारा खुल गया। लेकिन जेएनयू  शिक्षक संघ ने कुलपति एम जगदीश कुमार को हटाने की मांग की है। जवाहरलाल नेहरू शिक्षक संघ (जेएनयूटीए) की तरफ से आरोप लगाए गए हैं कि यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार टीचर्स-स्टाफ को वक्त पर तनख्वाह नहीं दी गयी है।

जेएनयू में क्षेत्रीय विकास अध्ययन केंद्र के संकाय सदस्य बिक्रमादित्य चौधरी ने कहा कि 52 साल के अपने इतिहास में पहली बार विश्वविद्यालय शिक्षकों और कर्मचारियों को समय पर फरवरी महीने का वेतन भुगतान करने में विफल रहा है। चौधरी ने सवाल किया कि कुलपति समय पर शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने में विफल रहे हैं। ऐसे गैर-शिक्षण कर्मचारी जो मासिक वेतन आने पर ही अपने खर्च की योजना बनाते हैं, वे कैसे सबकुछ मैनेज करेंगे?

बिक्रमादित्य चौधरी ने कहा कि शिक्षकों और बच्चों के लिए कॉन्फ्रेंस और सेमिनार में जाने के लिए पैसे नहीं है। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के पास एग्जामिनर बुलाने के लिए भी पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि कुलपति को हटाया जाए। नियमित कुलपति की नियुक्ति की जाए, ताकि व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

पत्रकारों से बात करते हुए जेएनयूटीए शिक्षक संघ की सचिव मौसमी बसु ने कुलपति पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति जगदीश कुमार लगातार वित्तीय अनियमित्ताएं कर रहे हैं। इसकी शिकायत हमने सभी संबधित जगह की लेकिन कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

एक अन्य प्रोफेसर डीके लोबियाल ने आरोप लगाया कि कुलपति सर्विलांस, सिक्योरिटी और स्टैच्यू पर यूनिवर्सिटी का पैसा खर्च कर रहे हैं। कोर्ट में केस लड़ने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी जो परीक्षा करवा रहा है इसमें यूनिवर्सिटी को 10 से 12 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। जबकि साढ़े तीन करोड़ रुपयों में जेएनयून ये परिक्षाएं करवाता रहा है।

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