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ट्रेन में मिलने वाले खाने को लेकर रेलमंत्री पीयूष गोयल का नया आदेश, तत्‍काल हुआ लागू

यात्री फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर के जरिए भी स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

रेल में यात्रियों को खाना सर्व करता एक कर्मचारी।

रेल मंत्री ने ट्रेन में मिलने वाले खाने की क्वालिटी सुधारने के लिए नई पहल शुरू की है। उन्होंने रेलवे के अधिकारियों से कहा कि यात्रा के दौरान ट्रेन में यात्रियों को मिलने वाले खाने के साथ खाने की मात्रा और कॉन्ट्रैक्टर की जानकारी भी दी जाए। रेल मंत्रालय की तरफ से सभी जॉनल जनरल मेनेजर्स को एक पत्र भेजा गया है। पत्र में रेलवे बोर्ड ने बताया है कि रेल मंत्री ने कहा है, ट्रेन में यात्रियों को खाने के साथ सप्लायर या कॉन्ट्रैक्टर की डिटेल्स के साथ, वजन, पैकिंग की तारीख भी बतानी चाहिए। इसके साथ ही पैकेट पर एक ऐसा सिंबल भी होना चाहिए जिससे पता चले कि पैकेट में खाना वेज है या नॉन वेज। अभी पैकेट्स पर सिर्फ यही सिंबल होता है कि खाना वेज है या नॉन वेज।

रेलवे बोर्ड के एडिशनल मेंबर (टूरिज्म एंड कैटरिंग) संजीव गर्ग द्वारा जारी किए गए लैटर में लिखा है कि रेल मंत्री ने यह फैसला किया है कि खाने के हर बॉक्स पर सप्लायर की डिटेल्स, वजन और पैकिंग की तारीख जरूर होनी चाहिए। 20 सितंबर को जारी किए गए लेटर में साफ लिखा है कि यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। 5 सितंबर को जारी एक लैटर में भी यह कहा गया था कि यात्रियों को भोजन की स्वच्छता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए।

इस साल की शुरुआत में CAG की रिपोर्ट के बाद रेलवे में खाने की क्वालिटी सुधारने पर काम किया जा रहा है। कैग ने अपनी रिपोर्ट में खाने की क्वालिटी को लेकर काफी आलोचना की थी।

आदेश को लागू करने के लिए रेलवे ने इस बार जुर्माने का प्रावधान भी किया है। अगर कैटरिंग स्टाफ के खिलाफ एक भी शिकायत मिली तो ठेकेदार पर भी कार्रवाई की जाएगी। अगर ज्यादा शिकायत मिलीं तो फिर ठेकेदार का टेंडर भी रद्द किया जा सकता है। अब इस पर निगाह रखी जाएगी। यात्री इसके लिए फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर के जरिए भी स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

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