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पूर्व CEA कौशिक बासु ने बिना नाम लिए मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा- भारत को असफल देश बनाना चाहते हैं

आर्थिक मामलों के जानकार कौशिक बासु ने मोदी सरकार की आलोचना की है और आर्थिक मोर्चे उनकी नीतियों को कमजोर बताया है। कौशिक ने कहा कि देश में कुछ ऐसी ताकते काम कर रही हैं, जो विश्व में भारत के सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम कर रही हैं।

कौशिक बासु ने मोदी सरकार की आर्थिक नीतियों को कटघरे में खड़ा किया है। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

इस साल अप्रैल-मई में प्रस्तावित लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय अर्थशास्त्री और पूर्व आर्थिक सलाहकार कौशिक बासु ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि बीजेपी की सरकार भारत को असफल देश बनाना चाहती है। बिजनस स्टैंडर्ड के मुताबिक बासु ने कहा कि कुछ ताकतें हैं जो वैश्विक स्तर पर खुलेपन और सहिष्णुता वाली देश की छवि को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

IIM अहमदाबाद के एक कार्यक्रम में कौशिक बासु ने कहा, “वैश्विक स्तर पर भारत खुलेपन और सहिष्णुता के मामले में अपनी विराट नीतियों की बदौलत काफी सम्मान हासिल करता है। लेकिन, अब कुछ ताकतें भारत की इस छवि को नष्ट करना चाहती हैं और देश को एक विफल राष्ट्र घोषित करने में जुटी हुई हैं।” स्टैटिकल आंकड़ों में दखल को लेकर भी वह मोदी सरकार पर जमकर बरसे। उन्होंने आरोप लगाए सरकार अपने मन मुताबिक आंकड़े दुनिया के सामने पेश करती है। बासु ने कहा, “जनरल डाटा तो सही है, लेकिन रोजगार के संबंध में आंकड़ों में हमें ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है और जब हालात ठीक ना हों तो उसे लोगों के समक्ष मुहैया कराया जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि अर्थिक घटनाक्रम बदलते रहते हैं। लेकिन सही तरीका है कि हम आर्थिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए रखे और सही दिशा में कदम उठाएं।

कौशिक बासु हालांकि नौकरियों के सृजन को लेकर उम्मीद से भरे दिखे। उन्होंने कहा, “नई तकनीक के उभार की वजह से विश्व भर में नौकरियां पैदा नहीं हो पा रही हैं। लेकिन, एक देश जहां पर मेहनताना बहुत ही कम दिया जाता हो, वहां पर सही पॉलिसी पैकेज लागू करके नौकरियों में बढ़त कायम रखी जा सकती है।” जाने माने अर्थशास्त्री बासु ने कहा कि जनवरी 2019 में जारी ताजा आंकड़ों से पता चलता है कि भारत में औद्योगिक विकास की रफ्तार कम हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि बीते कुछ सालों में एक्सपोर्ट कारोबार में भी गिरावट देखने को मिली है।

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