ताज़ा खबर
 

20 करोड़ जनधन खातों में सरकार ने ट्रांसफर किए 10 हजार करोड़ रुपए, जानिए निर्मला सीतारमण की प्रेस कॉन्फ्रेंस की अहम बातें

वित्त मंत्री ने बताया कि मनरेगा में 40 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं। हर ब्लॉक में पब्लिक हेल्थ लैब बनाई गई है, ताकि ब्लॉक स्तर पर लोग आत्मनिर्भर बन सकें और महामारी से लड़ने में देश को ताकत मिल सके।

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 20 लाख करोड़ के पैकेज की पांचवी किस्त की जानकारी दी। (एएनआई)

सरकार के 20 लाख करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज ‘आत्मनिर्भर भारत’ की पांचवी किस्त का ऐलान किया। इस दौरान वित्त मंत्री ने कहा कि ‘सरकार ने 6.81 करोड़ फ्री सिलेंडर उज्ज्वला योजना में दिए, ताकि किसी को अनाज के साथ खाना बनाने की दिक्कत न आए। इसके अलावा 20 करोड़ जनधन खातों में भी सीधे दस हजार करोड़ रुपए पहुंचाए गए हैं।’

जनधन खातों में डीबीटी के माध्यम से 500-500 रुपए भेजे गए हैं। इस तरह 20 करोड़ खातों में कुल 10,225 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। सरकार की योजनाओं पर जानाकारी देते हुए सीतारमण ने कहा- हमारी लैंड, लेबर, लिक्विडिटी और लॉस पर नजर है। संकट में सबके लिए कदम उठाए गए हैं। किसानों को पिछले महीने ही ऋण दिए गए हैं। वहीं, स्वास्थ्यकर्मियों का भी इंश्योरेंस किया गया। वित्त मंत्री ने बताया कि देश में अभी 300 कंपनियां पीपीई बनाने में जुट गई हैं। कई और कंपनियां मास्क भी बना रही हैं।

वित्त मंत्री ने कहा, “लॉकडाउन के दौरान सरकार ने डिजिटल इकोनॉमी को प्रमोट किया है। उन्होंने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप एक सफल प्रयोग है। इसके साथ ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है।” उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही ‘पीएम ई विद्या कार्यक्रम’ शुरू करेगी। हर क्लास के लिए एक अलग चैनल बनाया जाएगा। तकनीक से शिक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे। दिव्यांग बच्चों को भी बेहतर और विशेष प्लेटफॉर्म तैयार होगा। देश में जल्द ही वन नेशन वन डिजिटल प्लेटफॉर्म पेश किया जाएगा। यूनिवर्सिटी में भी कई ऑनलाइन कोर्स शुरू होंगे। बच्चों को आने वाले समय में मनोवैज्ञानिक मदद पहुंचाई जाएगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि मनरेगा में 40 हजार करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं। हर ब्लॉक में पब्लिक हेल्थ लैब बनाई गई है, ताकि ब्लॉक स्तर पर लोग आत्मनिर्भर बन सकें और महामारी से लड़ने में देश को ताकत मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई सुविधाएं दी जाएंगी। जिला स्तर के अस्पताल में सुविधाएं दी जाएंगी और लैब नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा।

सीतारमण ने कहा कि लॉकडाउन में बिजनेस पर बुरा असर पड़ा है। हम MSMEs के लिए कदम उठा रहे हैं। हमने इसकी परिभाषा बदली है, ताकि कंपनियों की हालत बेहतर हो। उन्होंने कहा कि दिवालियापन रोकने के लिए भी सरकार कदम उठाएगी और इसकी सीमा अब 1 लाख से 1 करोड़ की जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि एमएसएमई यानी छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए छोटी चूकों को अब अपराध के दायरे से बाहर किया जाएगा। सभी सेक्टर प्राइवेट सेक्टर के लिए खुलेंगे। हालांकि, इससे पब्लिक सेक्टर बंद नहीं होगा, एक पब्लिक सेक्टर का होना जरूरी होगा। स्ट्रेटेजिक सेक्टर की सूची तैयार की जाएगी।

वित्त मंत्री ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों को लॉकडाउन से बड़ा नुकसान हुआ है। इस दौरान राज्यों की मदद के लिए 46,038 करोड़ रुपए दिया गया है। इसके अलावा राज्यों की अधार लेने की सीमा भी बढ़ी है। इसके बावजूद राज्यों ने अभी अपनी सीमा से 14 फीसदी उधार ही लिया है। 86% लिमिट अभी इस्तेमाल नहीं हुई है। केंद्र ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए राज्यों को उधार देने की सीमा ग्रॉस स्टेट डोमेस्टिक प्रोडक्ट (जीएसडीपी) के 3 फीसदी से बढ़ाकर 5 फीसदी तक कर दी है। राज्यों को 12 हजार करोड़ की ग्रांट दी गई है। वहीं ओवर ड्राफ्ट के निमयों में भी रिजर्व बैंक अब छूट देगा। इसके अलावा राज्यों की मदद के लिए कई और कदम उठाए जाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस का अंत करते हुए कहा कि पहली किस्त यानी घोषणाओं की श्रृंखला में 5,94,550 करोड़ रुपए की योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। इसके बाद दूसरे दिन अर्थव्यवस्था को 3,10,000 करोड़ का प्रोत्साहन देने का ऐलान किया गया। इसके बाद तीसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1,50,000 करोड़ के प्रोत्साहन का ऐलान हुआ। इसके बाद घोषणाओं की चौथी और पांचवीं श्रृंखला में 48,100 करोड़ के प्रोत्साहन कार्यक्रमों पर जानकारी दी गई है। उन्होंने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के तहत कुल 20 लाख 97 हजार 53 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान हो चुका है

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories