जनता का पैसा पहले क़ब्रिस्तान पर खर्च होता था, अब मंदिरों पर होता है- बोले योगी आदित्य नाथ, पांच साल पहले नरेंद्र मोदी ने भी किया था श्मशान-क़ब्रिस्तान का जिक्र

योगी आदित्यनाथ ने दिवाली के कार्यक्रम के दौरान कहा कि पहली की सरकार में जिस धन का इस्तेमाल कब्रिस्तान की बाउंड्री बनवाने के लिए होता था। आज उसका इस्तेमाल मंदिरों को बनवाने के लिए किया जाता है।

दिवाली के मौके पर लोगों को संबोधित करते योगी आदित्यनाथ। फोटो- पीटीआई

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कब्रिस्तान और श्मशान पर बात किए जाने के करीब पांच साल बाद एक बार फिर योगी आदित्य नाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए श्मशान और कब्रिस्तान का जिक्र किया है। सपा पर धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि पहले कब्रिस्तान के लिए फंड जारी किए जाते थे और बाउंड्री बनायी जाती थी लेकिन अब सरकार मंदिरों के सुंदरीकरण के लिए धन खर्च करती है।

अयोध्या में दीपावली के मौके पर संबोधन के दौरान योगी ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में एक बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। इससे पहले सरकारी धन का इस्तेमाल कब्रिस्तानों की दीवार बनवाने के लिए किया जाता था। अब इसका इस्तेमाल मंदिरों के विकास के लिए होता है।’

उन्होंने कहा, ‘यह विचारों में बदलाव है। जो लोग कब्रिस्तान की चिंता करते थे, वे वहीं धन भी लगाते थे। जो लोग धर्म और संस्कृति की चिंता करते हैं वे पैसे का इस्तेमाल उसके विकास में कर रहे हैं।’

सीएम योगी के इस बयान को महत्वपूर्ण इसलिए माना जा रहा है क्योंकि उत्तर प्रदेश में चुनाव करीब हैं। पांच साल पहले साल 2017 में चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने भी फतेहपुर की रैली में इसी तरह की बात कही थी। उन्होंने सपा पर हमला बोलते हुए कहा था, ‘अगर गांव को कब्रिस्तान दिया जाता है तो वहां श्मशान भी होना चाहिए। अगर रमजान के समय बिजली रहती है तो दिवाली में भी रहनी चाहिए। अगर होली में बिजली रहती है तो ईद में भी रहनी चाहिए। किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए।’

बुधवार को योगी ने कहा था कि अयोध्या में राम मंदिर के अलावा केंद्र सरकार 500 से ज्यादा मंदिरों का जीर्णोद्धार करवा रही है। उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के बनने में भी सारी बाधाएं खत्म हो गई हैं। अब राम मंदिर को बनने से कोई भी ताकत रोक नहीं सकती है।

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