असम के हैलाकांडी जिले में 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म और निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने पांच किशोरों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में दावा किया कि वे लड़की को ‘सबक सिखाना’ चाहते थे। मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।

घर में अकेली थी छात्रा

पुलिस के अनुसार, 1 अगस्त की रात छात्रा की मां और छोटा भाई परिवार में आयोजित एक भोज कार्यक्रम में गए हुए थे। इसी दौरान छात्रा घर पर अकेली थी। जब दोनों वापस लौटे तो उन्होंने उसे खून से लथपथ हालत में मृत पाया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उसकी हत्या ईंट से हमला कर की गई थी।

रसोई के बर्तन का भी किया गया इस्तेमाल

जांच के दौरान पुलिस ने बताया कि पीड़िता के निजी अंगों में एक विदेशी वस्तु डाली गई थी। बाद में उसकी पहचान रसोई में इस्तेमाल होने वाले दाल मथने के बर्तन के रूप में हुई। पीड़िता की मां ने उस बर्तन की पहचान अपने घर के सामान के रूप में की।

पुलिस ने पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार

हैलाकांडी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अमिताभ सिन्हा ने बताया कि शुरुआती जांच में जबरन घर में घुसने के कोई संकेत नहीं मिले, जिससे शक हुआ कि वारदात किसी परिचित ने अंजाम दी है। पुलिस ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और बाद में दो अन्य को भी हिरासत में लिया। गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी किशोर हैं, जिनमें एक 16 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। सभी पीड़िता के परिचित बताए जा रहे हैं।

‘सबक सिखाने’ की बात आई सामने

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि पीड़िता का 18 वर्षीय आरोपी के साथ प्रेम संबंध था। जांच में यह भी सामने आया कि वह एक अन्य युवक के संपर्क में भी थी। आरोपियों में से एक ने पूछताछ में दावा किया कि इसी बात से नाराज होकर उन्होंने उसे “सबक सिखाने” की योजना बनाई।

पुलिस का कहना है कि जिस रात छात्रा घर पर अकेली थी, उसने अपने कथित प्रेमी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद वह अपने दो साथियों के साथ घर पहुंचा, जबकि दूसरा युवक भी अपने एक साथी को लेकर वहां आया। इसके बाद सभी ने मिलकर छात्रा पर हमला किया।

POCSO और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म, हत्या और POCSO Act के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को फोरेंसिक टीमों की भी मदद मिल रही है। पुलिस का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

इलाके में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इस घटना की निंदा करते हुए इसे ‘बेहद दर्दनाक और समाज के लिए अभिशाप’ बताया।

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पुलिस ने मस्जिद प्रबंधन समितियों के साथ बैठक कर उनसे ध्वनि प्रदूषण (नॉइज पॉल्यूशन) नियमों का पालन करने और बड़े लाउडस्पीकरों की जगह कम आवाज वाले साउंड बॉक्स लगाने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।