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नॉर्थ ब्लॉक में मीडिया बैन, निर्मला सीतारमन, अमित शाह सहित कई मंत्रियों के मंत्रालय नहीं जा सकेंगे पीआईबी कार्ड धारक पत्रकार

सरकार ने आदेश जारी करके नॉर्थ ब्लॉक में पीआईबी कार्ड धारक पत्रकारों की एंट्री पर दिसंबर से फरवरी तक रोक लगा दी है। इससे पहले यह प्रतिबंध केवल वित्त मंत्रालय तक सीमित होता था।

north block, journalistनॉर्थ ब्लॉक में पीआईबी कार्ड धारक पत्रकारों की एंट्री पर रोक।

पहली बार ऐसा हुआ है जब सरकार ने पीआईपी कार्ड धारक पत्रकारों की नॉर्थ ब्लॉक में एंट्री पर रोक लगा दी है। सरकार ने इसके लिए बजट बनाने के काम का हवाला दिया है। इससे पहले यह प्रतिबंध केवल वित्त मंत्रालय तक ही लगाया जाता था। पिछले सप्ताह जारी किए गए आदेश के मुताबिक नॉर्थ ब्लॉक में 1 दिसंबर से पीआईबी कार्ड धारकों के प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया। यहां पर वित्त मंत्रालय के साथ गृह मंत्रालय और मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनेल ऐंड ट्रेनिंग भी है। फरवरी के आखिरी तक वित्त के अलावा इन दो मंत्रालयों में भी पत्रकार नहीं जा सकेंगे।

पीआईबी से मान्यता के लिए पत्रकार को दिल्ली या फिर इसके बाहरी हिस्से से होना चाहिए। जरूरी है कि पत्रकार मीडिया संस्थान में कम से कम एक साल से काम कर रहा हो और संस्थान का 50 प्रतिशत न्यूज कॉन्टेंट हो या फिर जन हित पर आधारित हो। इसमें सरकार की भी खबरें शामिल होनी चाहिए।

सेंट्रल न्यूज मीडिया एक्रेडिशन गाइडलाइन 1999 के मुताबिक यह कार्ड किसी को स्पेशल या ऑफिशल स्टेटस नहीं देता है, यह केवल एक प्रोफेशनल वर्किंग जर्नलिस्ट की पहचान के लिए है। इसके जरिए पत्रकार सरकार के न्यूज सोर्स तक पहुंच सकता है और सरकारी समाचार सामग्री को प्राप्त कर सकता है। इस कार्ड के जरिए गृह मंत्रालय के सिक्यॉरिटी जोन में भी आसानी से एंट्री मिल जाती है।

पीआईबी से मान्यता के लिए एक पत्रकार को कम से कम पांच साल तक फुल टाइम पत्रकारिता का काम करना अनिवार्य होता है। इसके अलावा फ्रीलांसर के लिए 15 साल जरूरी होते हैं। पत्रकारी की कम से कम सैलरी 4500 रुपये महीने होनी चाहिए। न्यूजपेपर या पीरियॉडिकल का सर्कुलेश 10 हजार या 75000 तक होना जरूरी है। न्यूज एजेंसी का सालाना ग्रॉस रेवेन्यू 20 लाख से कम नहीं होना चाहिए। यही नियम विदेशी एजेंसियों और पत्रकारों पर भी लागू होते हैं।

यह मान्यात पीआईबी की कमिटी देती है जिसके हेड डीजी पीआईबी होते हैं। यह मान्यता देने से पहले सिक्यॉरिटी चेक पूरा किया जाता है। पत्रकार के अड्रेस का भी वेरिफिकेशन होता है। इस कार्ड के फायदे हैं कि पत्रकार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री औऱ अन्य मंत्रियों के कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। सीनियर जर्नलिस्ट अपने परिवार के साथ कार्यक्रमों का हिस्सा हो सकते हैं। उन्हें सब्सिडाइज्ड हेल्थ सर्विस का भी फायदा मिलता है। मंत्रालय में उन्हें आने जाने के लिए किसी तरह के रेकॉर्ड की जरूरत नहीं होती है।

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