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हैदराबाद में लगाया गया स्पूतनिक का पहला टीका

दवा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी दीपक सपरा ने पहला टीका लगवाया। भारत में अभी इसका दाम 995 रुपए प्रति खुराक है, लेकिन स्थानीय स्तर पर उत्पादन शुरू होने के बाद दाम में कुछ कमी आ सकती है।

Edited By Sanjay Dubey हैदराबाद | May 15, 2021 4:12 AM
रूस से आयातित स्पूतनिक-वी वैक्सीन (फाइल फोटो)

दवा कंपनी डा. रेड्डीज लैब ने शुक्रवार को कहा कि उसने कोविड-19 का टीका स्पूतनिक-वी भारतीय बाजार में जारी कर दिया है। पहला टीका हैदराबाद में लगाया गया। दवा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी दीपक सपरा ने पहला टीका लगवाया। कंपनी के मुताबिक इस आयातित दवा की एक खुराक का खुदरा मूल्य 948 रुपए है। इस पर पांच फीसद की दर से जीएसटी के साथ टीके का मूल्य 995.40 रुपए प्रति खुराक बैठता है।

डा. रेड्डीज लैबोरेटरीज ने एक वक्तव्य में कहा, ‘आयातित टीके की वर्तमान में कीमत 948 रुपए और इसके ऊपर पांच फीसद की दर से जीएसटी देय होगा। स्थानीय स्तर पर इसका उत्पादन शुरू होने के बाद दाम में कुछ कमी आ सकती है।’ उधर, डॉ रेड्डीज के सीईओ ब्रांड बाजार (भारत और उभरते बाजार) एम वी रमना ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मौजूदा कीमतें आरडीआइएफ (रूसी प्रत्यक्ष निवेश कोष) से आयातित कीमत पर आधारित हैं और हम विभिन्न राज्य सरकारों के साथ चर्चा कर रहे हैं, हालांकि अभी मात्रा तय नहीं हुई है। हम आरडीआइएफ के साथ चर्चा कर रहे हैं और हमें उम्मीद है कि दो महीनों में आरडीआईएफ से 3.6 करोड़ खुराकें मिलेंगी। उन्होंने बताया कि स्पूतनिक वी को शून्य से 18 डिग्री सेंटीग्रेड नीचे संग्रहीत करने की जरूरत है।

इससे पहले कंपनी ने जारी किए वक्तव्य में कहा कि रूस से आयातित टीके स्पूतनिक-वी की पहली खेप एक मई को भारत पहुंची। इस टीके को केंद्रीय दवा प्रयोगशाला, कसौली से 13 मई 2021 को मंजूरी मिली। इस दवा की और खेप आने वाले महीनों में भारत पहुंचने वाली है। उसके बाद भारतीय विनिर्माता भागीदारों से भी इसकी आपूर्ति शुरू हो जाएगी।

डा. रेड्डीज लैब ने कहा कि टीके की समय पर और निर्बाध आपूर्ति के लिए वह भारत में अपने छह विनिर्माण भागीदारों के साथ संपर्क में है। हैदराबाद स्थित कंपनी ने कहा कि वह राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान में सहयोग के लिए सरकार और निजी क्षेत्र के सभी पक्षों के साथ मिलकर काम करेगी ताकि ेस्पूतनिक वी टीके को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जा सके।

डा रेड्डीज के सह-अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक जी वी प्रसाद ने कहा, ‘भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच कोविड- 19 से लड़ने में टीकाकरण सबसे प्रभावी हथियार है। भारत में टीकाकरण अभियान में भागीदारी निभाने के जरिए भारतीयों को स्वस्थ और सुरक्षित रखने में मदद करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।’ देश में अब तक केवल दो टीकों को इस्तेमाल में लाया जा रहा है। भारत बायोटेक की कोवेक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया द्वारा बनाई जा रही कोविशील्ड ही मुख्यतौर पर इस्तेमाल में लाई जा रही है। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि अगस्त से दिसंबर 2021 की पांच माह की अवधि में दो अरब से अधिक टीके देश में उपलब्ध होंगे जो कि समूची आबादी को टीका लगाने के लिए काफी होंगे।

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