प्याज की आसमान छूती कीमतों के बीच नासिक से पहली कांदा एक्सप्रेस दिल्ली आने वाली है। पहली कांदा एक्सप्रेस के गुरुवार को नासिक से राजधानी पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही दिल्ली सरकार ने राजधानी की दैनिक प्याज आवश्यकता का आकलन करना शुरू कर दिया है।

प्याज की पहली खेप दिल्ली पहुंचेगी

खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को कहा , “प्याज की पहली खेप गुरुवार को दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। शहर में फिलहाल प्याज की कोई कमी नहीं है लेकिन अगर कीमतें बढ़ती हैं तो हमें तैयार रहना होगा ताकि लोगों को कोई परेशानी न हो। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस संबंध में एक बैठक की और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।”

सिरसा ने कहा कि विभाग शहर में प्याज की मौजूदा आवश्यकता का आकलन कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, “योजना कल तक तैयार हो जाएगी। प्याज दिल्ली पहुंचते ही हम अपनी मांग रखेंगे और आवश्यकतानुसार 10 मीट्रिक टन, 15 मीट्रिक टन या उससे अधिक की मांग करेंगे।” मंत्री ने आगे कहा कि केंद्रीय खाद्य मंत्रालय ने दिल्ली सरकार को आश्वासन दिया है कि उसकी आवश्यकता पूरी कर दी जाएगी। उनके अनुसार, अगर कीमतें और बढ़ती हैं तो सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि निवासियों को अतिरिक्त बोझ न उठाना पड़े।

NAFED से प्याज और चीनी खरीदेगी दिल्ली सरकार

मंत्री ने कहा, “ऐसी स्थिति में, सरकार केंद्र सरकार की संस्था NAFED से प्याज और चीनी की खरीद करेगी और राजधानी भर में विभिन्न स्थानों पर उन्हें उपलब्ध कराने की व्यवस्था करेगी।” इन वस्तुओं को उसी कीमत पर बेचा जाएगा जिस कीमत पर इन्हें NAFED से खरीदा जाता है। सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने विभाग को एक विस्तृत कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया है, जिसमें दिल्ली भर में शिविरों के माध्यम से सस्ती प्याज उपलब्ध कराने की संभावना तलाशना भी शामिल है।

सरकार ने अधिकारियों को दिल्ली में प्राप्त प्याज की आपूर्ति पर नजर रखने, यह सुनिश्चित करने कि खेप बाजार तक सही ढंग से पहुंचे और जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मनजिंदर सिंह ने कहा, “दिल्ली सरकार परिवहन और अन्य संबंधित खर्चों को वहन करेगी और किसी भी परिस्थिति में दिल्ली के लोगों पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ने देगी।” चीनी के मुद्दे पर सिरसा ने कहा कि केंद्र सरकार ने जमाखोरी को रोकने के लिए मात्रा सीमा निर्धारित की है।

मंत्री ने कहा, “दिल्ली सरकार भी इन प्रावधानों के तहत कार्रवाई करेगी। किसी भी स्थान पर निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का भंडारण या जमाखोरी पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने आगे कहा, “विभाग को यह भी निर्देश दिया गया है कि वह इस बात की जांच करे कि चीनी को किफायती दरों पर लोगों तक कैसे पहुंचाया और आपूर्ति की जा सकती है। इस उद्देश्य के लिए एक विस्तृत योजना मांगी गई है।”

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ISMA के अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर ने सोमवार को कहा कि देश में चीनी की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति की स्थिति मूल रूप से मजबूत बनी हुई है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त चीनी का स्टॉक मौजूद है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें