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भारत के लिए पहले राफेल का फ्रांस में चल रहा टेस्‍ट, अप्रैल 2022 तक सिर्फ एक कस्‍टम मेड एयरक्राफ्ट आएगा

"जब तक फ्लाइट टेस्‍ट पूरा नहीं हो जाता, तब तक भारत के बताए फीचर नहीं जोड़े जा सकते। यही वजह है कि सबसे आखिर में भेजे जाने वाले एयरक्राफ्ट को सबसे पहले बनाया जा रहा है।"

Author September 22, 2018 8:56 PM
राफेल लड़ाकू जेट की खरीद का एमओयू साझा करते तत्‍कालीन रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर और उनके फ्रांसीसी समकक्ष। पीछे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों को देख रहे हैं। (Express photo by Renuka Puri 26 Feb, 2016)

राफेल लड़ाकू एयरक्राफ्ट सौदे में भारत ने जिस तकनीकी विशेषताओं की मांग की है, फ्रांस वैसा केवल एक एयरक्राफ्ट अप्रैल 2022 तक सप्‍लाई करेगा। द इंडियन एक्‍सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, बाकी 35 एयरक्राफ्ट सितंबर 2019 से भेजे जाने शुरू किए जाएंगे। इन एयरक्राफ्ट्स में अतिरिक्‍त फीचर भारत में ही जोड़े जाएंगे। फ्रांस को सात एयरक्राफ्ट प्रतिमाह के हिसाब से डिलीवरी देनी है। जुलाई में, रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्‍य सभा में दिए गए जवाब में कहा था कि ”विमानन क्षमता तथा सहयोगी उपक‍रणों व हथियारों से लैस 36 राफेल एयरक्राफ्ट की डिलीवरी सितंबर 2019 से शुरू होगी और अप्रैल 2022 तक पूरी हो जाएगी।”

हालांकि, सभी 36 राफेल एअरक्राफ्ट भारत के हिसाब से मॉडिफाई होने के बाद सितंबर 2022 तक ही भारतीय वायुसेना के पास आ सकेंगे। सरकारी सूत्रों ने कई बार दावा किया था कि अप्रैल 2022 तक 36 फ्रांसीसी जेट्स की सप्‍लाई का सौदा कर उन्‍होंने यूपीए काल की बातचीत में होने वाले सौदे की पांच महीने की देरी को खत्‍म कर दिया। 36 राफेल एयरक्राफ्ट्स में से एक की टेस्‍ट उड़ान फ्रांस में पिछले माह शुरू हो गई है। भारत के हिसाब से जो बदलाव किए जाने हैं, वह इसी दो सीट वाले राफेल एयरक्राफ्ट (RB008) पर किए जाएंगे।

इस एयरक्राफ्ट की टेस्टिंग अप्रैल 2022 तक चलेगी, तब तक यह भारत को डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएगा। भारतीय वायुसेना और फ्रांसीसी पायलट्स मिलकर इस एयरक्राफ्ट की टेस्टिंग कर रहे हैं। अगस्‍त, 2017 से ही वायुसेना के चार अधिकारियों की एक टीम फ्रांस में है जो भारत के मुताबिक फीचर्स और 36 राफेल विमानों के निर्माण की निगरानी कर रही है।

द इंडियन एक्‍सप्रेस ने रक्षा मंत्रालय, भारतीय वायुसेना के एक प्रवक्‍ता और दसॉ एविएशन (राफेल की निर्माता कंपनी) के प्रवक्‍ता को सवाल भेजे, मगर उनके जवाब नहीं मिले। सूत्रों ने द इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया, ”एक राफेल का फ्लाइट टेस्‍ट और भारत के मुताबिक परिवर्तन का काम सौदे पर हस्‍ताक्षर के 67 महीने (अप्रैल 2022) के भीतर पूरा हो जाएगा। जब तक फ्लाइट टेस्‍ट पूरा नहीं हो जाता, तब तक भारत के बताए फीचर नहीं जोड़े जा सकते। यही वजह है कि भेजे जाने वाले सबसे आखिरी एयरक्राफ्ट को सबसे पहले बनाया जा रहा है।”

सूत्र ने कहा, ”जब तक भारत के हिसाब से पहले राफेल को सर्टिफिकेट मिलेगा, 35 राफेल एयरक्राफ्ट भारत को भेजे जा चुके होंगे। अगले पांच महीनों तक इन एयरक्राफ्ट में भारत के अनुसार बदलाव किया जाएगा।” यूपीए सरकार के समय वायुसेना ने 13 विशेष फीचर्स मांगे थे। इनमें राडार इनहासमेंट, हेलमेट माउंटेड डिस्‍प्‍ले, लो बैंड जैमर, रेडियो आल्‍टीमीटर जैसे फीचर्स शामिल हैं।

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