रांची में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों के 10 अगस्त के विधानसभा मार्च को लेकर पुलिस ने करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों पर निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के आरोप हैं।

रांची के विधानसभा थाना में दर्ज FIR की पुष्टि करते हुए रांची के एसपी पारस राणा ने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा की ओर निकले मार्च के दौरान शांति भंग करने वाले करीब 300 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि अभी किसी को हिरासत में नहीं लिया गया है।

CCTV फुटेज से होगी आरोपियों की पहचान

पुलिस अब प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो और CCTV फुटेज की जांच कर रही है। इन फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हटिया डीएसपी नीरज कुमार के अनुसार, मजिस्ट्रेट की शिकायत के आधार पर यह FIR दर्ज की गई है, जो उस समय विधानसभा के पास तैनात थे।

पुलिस का दावा- छात्र नहीं, असामाजिक तत्व थे शामिल

रांची पुलिस ने कहा है कि विधानसभा घेराव के मामले में FIR जिन लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है, वे छात्र नहीं बल्कि असामाजिक तत्व हैं, जिन्होंने छात्रों के विरोध मार्च का फायदा उठाकर स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, इन लोगों पर पथराव करने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने का आरोप है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस मामले में केवल एक FIR दर्ज की गई है।

झड़प में 14 पुलिसकर्मी घायल

10 अगस्त को विधानसभा की ओर मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले का इस्तेमाल किया था।

प्रशासन ने पहले ही विधानसभा के आसपास निषेधाज्ञा लागू कर रखी थी। 5 अगस्त को रांची प्रशासन ने विधानसभा से 750 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किया था।

750 मीटर के दायरे में लगी थी निषेधाज्ञा

यह आदेश 6 अगस्त सुबह 8 बजे से 12 अगस्त रात 10 बजे तक प्रभावी था। इसके तहत पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस, मार्च और प्रदर्शन पर रोक लगाई गई थी। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 6 से 11 अगस्त तक चला था। इसके बावजूद भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को लेकर नौकरी के अभ्यर्थियों ने 10 अगस्त को विधानसभा मार्च निकाला।

20 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं अभ्यर्थी

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर नौकरी के अभ्यर्थी पिछले करीब 20 दिनों से रांची में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं, प्रशासन का कहना है कि 10 अगस्त की घटना में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने हिंसक गतिविधियों को अंजाम दिया। अब CCTV और वीडियो फुटेज के जरिए ऐसे लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने कहा है कि पहचान होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने गुरुवार को संसद परिसर में अपने साथियों के साथ खिलौने वाला ‘बंदर’ हाथ में लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से सदन में दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज का जवाब देने की मांग की। पूरी खबर पढ़े के लिए क्लिक करें।