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नरेंद्र मोदी सरकार ने GPF की ब्याज दर में की कटौती, 1 जुलाई से आएगी प्रभाव में; जानें किन पर पड़ेगा असर

ब्याज दर में यह फेरबदल एक जुलाई, 2019 से प्रभाव में आएगा, जबकि इससे भारतीय रेल, रक्षा समेत केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रभावित होंगे।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Freepik)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने जनरल प्रॉविडेंड फंड (जीपीएफ) पर ब्याज दर घटा दी है। मंगलवार (16 जुलाई, 2019) को वित्त मंत्रालय ने जीपीएफ की ब्याज दर में 10 बेसिस प्वॉइंट की कटौती कर दी, जिसके बाद यह आठ फीसदी से घटकर 7.9 प्रतिशत पर आ गई।

ऐसे में नई ब्याज दर अब पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ) के बराबर हो गई है। ब्याज दर में यह फेरबदल एक जुलाई, 2019 से प्रभाव में आएगा, जबकि इससे भारतीय रेल, रक्षा समेत केंद्र सरकार के कर्मचारी प्रभावित होंगे।

वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग ने 12 जुलाई, 2019 को कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए जीपीएफ और अन्य ऐसे ही फंड्स की ब्याज दर घटाकर 7.9 प्रतिशत कर दी गई है, जो कि पिछली तिमाही में आठ फीसदी थी।

नई ब्याज दर जीपीएफ (केंद्रीय सेवा) के अलावा कंट्रीब्यूटरी प्रॉविडेंट फंड (भारत), ऑल इंडिया सर्विसेज प्रॉविडेंट फंड, स्टेट रेलवे प्रॉविडेंट फंड, जनरल प्रॉविडेंट फंड (रक्षा सेवा), इंडियन ऑर्डिनेंस डिपार्टमेंट प्रॉविडेंट फंड, इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज वर्कमेंस प्रॉविडेंट फंड, इंडियन नेवल डॉकयार्ड वर्कमेंस प्रॉविडेंट फंड, डिफेंस सर्विसेज ऑफिसर्ज प्रॉविडेंट फंड और आर्म्ड फोर्सेज पर्सनल प्रॉविडेंट फंड पर लागू हुई है।

पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने इससे पहले अप्रैल में जीपीएफ और ऐसी ही अन्य योजनाओं की ब्याज दर अप्रैल-जून तिमाही के लिए बरकरार रखी थी, जबकि 2018-19 के जनवरी-मार्च तिमाही में यह ब्याज दर आठ प्रतिशत ही थी।

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