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वित्त मंत्री हार्ड कॉपी की बजाय सॉफ्ट कॉपी से भाषण पढ़ेंगी, 73 साल में पहली बार नहीं छपेगा बजट दस्तावेज

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सरकार ने इस बार बजट दस्तावेज नहीं छापने का फैसला लिया है। हालांकि, बजट की सॉफ्ट कॉपी सभी से साझा की जाएगी।

BUDGET, NIRMALA SITHARAMANलोकसभा में साल 2019-20 का केंद्रीय बजट पेश करतीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण। फाइल फोटो। फोटो सोर्स – PTI

1 फरवरी 2021 को देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करेंगी। लेकिन इस बार बजट पेश करने की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव नजर आएगा। 73 साल बाद पहली बार ऐसा होगा जब वित्त मंत्री बिना किसी कागज या दस्तावेज के ही अपना भाषण पढ़ेंगी। जी हां, भारत के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब बजट पूरी तरह पेपरलेस होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार बजट से संबंधित दस्तावेजों को फिजिकल फॉर्म में नहीं रखा जाएगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण हार्ड कॉपी की बजाय सॉफ्ट कॉपी से भाषण पढ़ेंगी। इसके अलावा संसद के अन्य सदस्यों को भी बजट के सॉफ्ट दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे। दरअसल कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार बजट के पेपर प्रिंट नहीं किए जाएंगे। इससे पहले केंद्रीय बजट के दस्तावेज वित्त मंत्रालय की प्रेस में प्रिंट होते थे। इस प्रक्रिया में करीब 100 कर्मचारी शामिल होते थे। बजट दस्तावेजों के प्रिंट होने, सील होने औऱ बजट के दिन डिलीवर किए जाने तक यह सभी लोग 2 हफ्ते तक काफी व्यस्त रहते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण के कहर को देखते हुए इस बार बजट को प्रिंट नहीं कराया जाएगा।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सरकार ने इस बार बजट दस्तावेज नहीं छापने का फैसला लिया है। हालांकि, बजट की सॉफ्ट कॉपी सभी से साझा की जाएगी। बजट के अलावा इकोनॉमिक सर्वे को भी नहीं छापा जाएगा। संसद के सभी सदस्यों को भी बजट की सॉफ्ट कॉपी मिलेगी।कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सॉफ्ट कॉपी के लिए सांसदों को मनाने में लोकसभा अध्यक्ष और उपसभापति को काफी मशक्कत करनी पड़ी।

बजट के डॉक्यूमेंट्स को लेकर दो विकल्प रखे गए थे। सभी सांसदों को सॉफ्ट कॉपी दी जाए या किसी को नहीं। वहीं, जो सांसद टेक सैवी नहीं हैं, उनके लिए सीमित संख्या में कॉपी छापना मुमकिन नहीं था। दलील दी गई कि दस्तावेज छापे गए तो उन्हें लाने-ले जाने में कोरोना संक्रमण का जोखिम हो सकता है।

बता दें कि देश का पहला बजट 7 अप्रैल 1860 को ब्रिटिश सरकार के वित्त मंत्री जेम्स विल्सन ने पेश किया था। आजादी के बाद पहला बजट देश के पहले वित्तमंत्री आर.के. षणमुखम चेट्टी ने 26 नवंबर 1947 को पेश किया था।

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