विजय माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी, सब आ रहे हैं भारत- सदन में बोलीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सरकार पर राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि निजीकरण के खिलाफ एक प्रभावी राजनीतिक अभियान आरंभ होना चाहिए।

Author Edited By Sanjay Dubey नई दिल्ली | Updated: March 18, 2021 9:16 PM
parliament, loksabha, finance ministerलोकसभा में गुरुवार को बोलतीं वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण। (फोटो- पीटीआई)

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि भगोड़े व्यापारी विजया माल्या, नीरव मोदी और मेहुल चोकसी कानून का सामना करने के लिए “भारत वापस आ रहे हैं”। सरकार ब्रिटेन से माल्या और मोदी के प्रत्यर्पण को लेकर जरूरी प्रक्रिया को जारी रखी है। चोकसी के बारे में बताया जा रहा है कि वह एंटीगुआ में है।

सीतारमण ने राज्यसभा में बीमा संशोधन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी सभी भूमि के कानून का सामना करने के लिए वापस आ रहे हैं। माल्या अपनी बंद किंगफिशर एयरलाइंस से जुड़े 9,000 करोड़ रुपये के बैंक लोन डिफॉल्ट मामले में आरोपी है और मार्च 2016 से ब्रिटेन में हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता नेशनल बैंक में धोखाधड़ी करने के बाद नीरव मोदी और उसके मामा चोकसी देश छोड़कर भाग गए। पीएनबी में मोदी पर 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 14,500 करोड़ रुपये) की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सरकार पर राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि निजीकरण के खिलाफ एक प्रभावी राजनीतिक अभियान आरंभ होना चाहिए। माकपा ने अपने मुखपत्र ‘पीपुल्स डेमोक्रेसी’ के संपादकीय में कहा है कि देश की बहुमूल्य सरकारी संपत्तियों को बेचने से देश की राष्ट्रीय संप्रभुता खतरे में आ जाएगी।

संपादकीय में कहा गया है, “फर्जी तरह के हिंदुत्ववादी-राष्ट्रवादी विमर्श को बेनकाब करने के लिए एक प्रभावी राजनीतिक अभियान आरंभ होना चाहिए।” वामपंथी दल ने दावा किया कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बात करने वाली सरकार सरकारी संपत्तियों को कुछ कारपोरेट समूहों के हाथों बेच रही है।

लोकसभा ने वर्ष 2021-22 के लिए जम्मू-कश्मीर संघ राज्यक्षेत्र के संबंध में अनुदानों की मांगों एवं संबंधित विनियोग विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी। जम्मू कश्मीर के लिये वित्त वर्ष 2021-22 का कुल बजट अनुमान 1,08,621 करोड़ रूपये है जिसमें विकासात्मक व्यय 39817 करोड़ रुपये है। जम्मू-कश्मीर संघ शासित क्षेत्र के संबंध में 2020-21 के लिए के अनुदानों की अनुपूरक मांगों एवं संबंधित विनियोग विधेयक पर हुई चर्चा और उस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के बाद ने निचले सदन ने उनको भी मंजूरी दी।

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