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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बताया- 8 नवंबर से पहले आखिर क्यों नहीं बदल पाए थे ATM

उन्होंने नोटबंदी के फैसले को एतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला लागू करना सरकार के लिए काफी मुश्किल कदम था, और पूरे देश ने इसका स्वागत किया है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली। (File Photo: PTI)

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को नोटबंदी के फैसले को एतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह फैसला लागू करना सरकार के लिए काफी मुश्किल कदम था, और पूरे देश ने इसका स्वागत किया है। अरुण जेटली मंगलवार को हुई बीजेपी संसदीय दल की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि आखिर 8 नवंबर से पहले देश के एटीएम को क्यों नहीं बदल पाए है। वित्त मंत्री ने कहा, “8 नवंबर से पहले ATM नहीं बदल सकते थे, क्योंकि कालेधन को रोकने के उद्देश्य से नोटबंदी को गोपनीय रखना था।” नोटबंदी के फैसले पर केंद्र सरकार को निशाना बनाने वाले विपक्ष को जवाब देते हुए उन्होंने कहा, “हम नोटबंदी के फैसले को लेकर चर्चा करने के लिए तैयार हैं, यह हम पहले भी कह चुके हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि वित्त मंत्रालय तक को नोटबंदी के फैसले की जानकारी नहीं थी, फिर वही लोग कह रहे हैं कि भाजपा को पहले ही इस बारे में बता दिया गया था।”

कुछ दिन होगी दिक्कत:

वित्त मंत्री ने कहा, “यह बहुत बड़ा निर्णय है और इसे लागू करने के लिए सरकार को बहुत हिम्मत चाहिए थी। पूरा देश इस फैसले का स्वागत कर रहा है, यह एक एतिहासिक कदम है।” उन्होंने कहा कि इस फैसले से कुछ दिन के लिए दिक्कत होगी, लेकिन यह देश की भलाई के लिए हैं। अरुण जेटली बोले, “नोटबंदी से गरीबी मिटाने में मदद मिलेगी। यह फैसला देशहित में है। नोटबंदी से थोड़े दिने के लिए दिक्कत हो सकती है। इन दिनों व्यापार धीमा है। हालांकि इस फैसले से कैशलैश ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिला है। कुछ हफ्तों के लिए हमारा ध्यान कृषि क्षेत्र पर केंद्रित है, रबि की फसल का सीजन भी आ रहा है।”

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नोटबंंदी पर बोले वित्त मंत्री अरुण जेटली; कहा- “इस निर्णय को लेने के लिए सरकार को बहुत हिम्मत चाहिए थी”

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  1. Sidheswar Misra
    Nov 22, 2016 at 11:08 am
    जैसे इंद्रा गाँधी ने बैंको के राष्ट्रीकरण के समय कहा था .देश से गरीबी मिटाने के लिए यह जरुरी था . उसी भाषा में मोदी सरकार बोल रही है. न बैंको के राष्ट्रीकरण से गरीबी मिटी न ही इस नॉट बंदी से गरीबी , महँगाई काम होगी .यहजरूर होगा की पुजीपतियो को कम व्याज पर कर्ज मिल जाये गा . लाभ जादा होगा नेता संतुष्ट . गद्दी बकरार .जनता बने मुर्ख .
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