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नोटबंदी की आलोचना पर जेटली का पलटवार-इकॉनमी के लिए एेतिहासिक क्षण था, लूट 2G और कोयला आवंटन में हुई थी

8 नवंबर को रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश भर में 500 और 1000 के नोटों को अमान्य करार कर दिया था।

Author Updated: November 8, 2017 8:57 AM
वित्त मंत्री अरुण जेटली। (Photo : PTI)

नोटबंदी की पहली वर्षगांठ की पूर्व संध्या पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मीडिया को संबोधित किया। जेटली ने कहा कि नोटबंदी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक एेतिहासिक क्षण था। जेटली ने कहा कि नोटबंदी एकमात्र हल था और इससे सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी, एेसा नहीं है। लेकिन इससे अजेंडा बदला है। नोटबंदी की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा इससे आतंकी गतिविधियों का वित्त पोषण कम हो गया है और फर्जी कंपनियों की पहचान हुई है। उन्होंने कहा कि कालेधन के खिलाफ कार्रवाई नैतिक कदम है। लूट तो वह होती है जो 2जी, कॉमनवेल्थ और कोल ब्लॉक आवंटन के दौरान हुई थी। वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को 2014 से पहले और उसके बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की वैश्विक क्रेडिबिलिटी की तुलना करनी चाहिए। कांग्रेस का मुख्य अजेंडा एक परिवार की सेवा करना है, जबकि हमारा राष्ट्र की सेवा करना। इससे पहले पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने गुजरात में नोटबंदी, जीएसटी और बुलेट ट्रेन को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा । सिंह ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी दोनों ही हमारी अर्थव्यवस्था के लिए बहुत खतरनाक कदम हैं।

उन्होंने कहा कि इनकी वजह से हमारे छोटे निवेशकों की कमर टूट गई है। अहमदाबाद में व्यापारियों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘कल हम उस विनाशकारी पॉलिसी की पहली वर्षगांठ मनाएंगे, जो हमारे देश के लोगों पर थोप दी गई थी।’ पूर्व पीएम ने भारतीय अर्थव्यवस्था और लोकतंत्र के लिए 8 नवंबर को ‘काला दिवस’ करार दिया है। उन्होंने कहा, ‘मैंने जो संसद में कहा था, उसे मैं दोहराना चाहता हूं। यह एक सुनियोजित लूट और कानून डकैती थी।’ सिंह ने नोटबंदी को बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उठाया गया कदम बताया और कहा कि इसके किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत अनुपालन की शर्तें छोटे व्यवसायों के लिए दु:स्वप्न बन गई हैं।

सिंह ने यह भी कहा कि नोटबंदी की वजह से भारतीयों ने चीन से ज्यादा आयात किया है। उन्होंने बताया कि 2016-17 की पहली तिमाही में भारत ने 1.96 लाख करोड़ रुपए का आयात किया था, जो कि 2017-18 में 2.41 लाख करोड़ रुपए हो गया। उन्होंने आयात में अभूतपूर्व वृद्धि के पीछे की वजह जीएसटी और नोटबंदी को बताया, जो कि एक साल में 23 फीसदी बढ़ा है। इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने नरेंद्र मोदी सरकार के बुलैट ट्रेन प्रोजेक्ट की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘बड़ी धूमधाम से शुरु की गई बुलेट ट्रेन परियोजना अहंकार की कवायद है। क्या प्रधानमंत्री नें ब्रॉड गेज रेलवे को अपग्रेड करके हाईस्पीड ट्रेन के विकल्पों के बारे में सोचा है?

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